पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में आज बड़ा दिन है। मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की 14 दिन की न्यायिक हिरासत आज 16 जुलाई को खत्म हो रही है। दोनों को आज अदालत के सामने पेश किया जाना है, जहां तय होगा कि हिरासत आगे बढ़ेगी या नहीं। कानूनी जानकारों की नजर इस बात पर भी है कि पुलिस चार्जशीट की टाइमलाइन** को लेकर क्या संकेत देती है।
अब तक क्या-क्या हुआ
- 18 जून: लोहागढ़ किले से गिरकर केतन अग्रवाल की मौत — शुरुआत में ‘हादसा’ माना गया
- पुलिस के मुताबिक जांच में यह कथित सुनियोजित हत्या निकली — मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी गिरफ्तार
- 29 जून – 3 जुलाई: पुलिस हिरासत के बाद दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (यरवडा जेल) — अवधि 16 जुलाई तक
- कोर्ट पुलिस की पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग पहले ही खारिज कर चुकी है (आरोपियों की सहमति नहीं)
पुलिस बनाम बचाव पक्ष
पुलिस का दावा है कि उसके पास हत्या के पर्याप्त सबूत हैं — SP संदीप सिंह गिल के मुताबिक कोड वर्ड वाली चैट, सिया का दूसरा मोबाइल, अहम गवाह और फॉरेंसिक साक्ष्य जांच में मिले हैं। पुलिस थ्योरी के मुताबिक साजिश करीब 7 महीने से चल रही थी।
दूसरी ओर बचाव पक्ष पिछली सुनवाई में ही पुलिस थ्योरी पर सवाल उठा चुका है — वकीलों की दलील है कि न कोई चश्मदीद है, न ठोस सबूत, और पूरा केस परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (circumstantial evidence) पर टिका है।
आज की सुनवाई क्यों अहम
आज की पेशी से तीन बड़े संकेत मिल सकते हैं — न्यायिक हिरासत कितनी बढ़ती है, क्या आरोपी जमानत अर्जी की ओर बढ़ते हैं, और पुलिस चार्जशीट दाखिल करने के कितने करीब है। गौरतलब है कि BNS की धारा 103 (हत्या) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज इस केस में गिरफ्तारी से 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है।
(मामला अदालत में विचाराधीन है। सभी आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं; दोष सिद्ध होना बाकी है।)
Sources: TV9 Hindi | Lokmat Times

