नई दिल्ली.** चुनाव आयोग (EC) के कामकाज और स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर छिड़े विवाद के बीच विपक्षी INDIA गठबंधन ने आज से देशव्यापी “लोकतंत्र बचाओ मार्च” की शुरुआत कर दी है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने इस दौरान आक्रामक रुख अपनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग कर डाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को “चोर” करार दिया।
ममता बनर्जी का बड़ा बयान
ममता बनर्जी ने कहा, “हमारी मांग है कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह विरोध लंबे समय तक जारी रहेगा। प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।” उन्होंने छात्रों, युवाओं और पत्रकारों से इस अभियान का समर्थन करने की अपील भी की।
आंदोलन का कार्यक्रम
INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम इस प्रकार है:
- 2 से 8 अक्टूबर — देशभर में जिला स्तर पर “लोकतंत्र बचाओ मार्च”
- 6 अक्टूबर — विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च
- अक्टूबर का दूसरा सप्ताह — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की मांग
- 1 नवंबर — दिल्ली में बड़ी रैली
अन्य विपक्षी नेताओं के बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर सरकार के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “यह सभी INDIA नेताओं की निजी प्रतिबद्धता है कि जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट किया है, उन्हें सजा दिलाई जाएगी।”
विपक्ष की मुख्य मांगें
गठबंधन की प्रमुख मांगों में मतदाता सूची में पारदर्शिता, मतदाताओं के नाम हटाए जाने से सुरक्षा, और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से मतदान बहाल करना शामिल है।
आगे क्या
6 अक्टूबर का EC मार्च और उसके बाद राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग विपक्ष और सरकार के बीच इस टकराव का अगला बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। सरकार या चुनाव आयोग की तरफ से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

