नई दिल्ली। हल्द्वानी शुद्धिकरण अनुष्ठान विवाद अब सीधे राष्ट्रीय राजनीति की टक्कर बन चुका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस आज देशभर में राज्यस्तरीय प्रदर्शन** करेगी। पार्टी ने मांग की है कि हल्द्वानी में कथित “जातिवादी शुद्धिकरण अनुष्ठान” में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी FIR दर्ज हो।
मामला क्या है
- 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक शुद्धिकरण यज्ञ हुआ था — यह आयोजन 8 अगस्त को हुई मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद किया गया।
- शिकायतकर्ता श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के अमित कुमार का आरोप है कि 29 अगस्त को दिल्ली में राहुल गांधी की टिप्पणी से वाल्मीकि समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।
- 30 अगस्त रात 10:16 बजे FIR नंबर 0297/2026 दर्ज हुई — SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r)/3(1)(u) और BNS की धारा 196 (धार्मिक/जातीय आधार पर वैमनस्य फैलाना) के तहत।
भाजपा में दो सुर
FIR के बाद भाजपा नेतृत्व में मतभेद उभरकर सामने आए हैं। पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने मामले से किनारा कर लिया, जबकि उत्तराखंड भाजपा प्रमुख महेंद्र भट्ट लगातार शुद्धिकरण अनुष्ठान का बचाव करते रहे हैं। इससे भाजपा के भीतर रणनीति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने इस FIR को “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताते हुए आज देशभर में विरोध मार्च का ऐलान किया है। पार्टी की दो मांगें हैं:
1. राहुल गांधी के खिलाफ FIR वापस ली जाए।
2. हल्द्वानी में शुद्धिकरण अनुष्ठान आयोजित करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी विधानसभा चुनावों में दलित मतदाताओं के समर्थन की लड़ाई से भी जुड़ा है।
स्पष्ट करण
यह मामला अभी विचाराधीन है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप की खबर तथ्यात्मक रूप से दी जा रही है — यह रिपोर्ट किसी भी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं करती।
Sources: The News Mill | Outlook India

