नई दिल्ली. जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) का धरना अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। संगठन ने ऐलान किया है कि वह 20 जुलाई को — यानी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन — जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेगा। CJP का कहना है, “हम सरकार के करीब जा रहे हैं ताकि वे हमारी बात सुन सकें।” आंदोलन NEET 2026 पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे* की मांग कर रहा है। (नोट: यह रिपोर्ट प्रदर्शनकारियों के दावों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)
विपक्ष का पहला नेता धरने में शामिल
आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। NCP (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीश गावंडे जंतर-मंतर पहुंचे और धरने में शामिल हुए — वे विपक्ष की ओर से एकजुटता जताने वाले पहले नेता बने। इससे आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है और यह अब बेंगलुरु, हैदराबाद व लखनऊ समेत कई शहरों तक फैल चुका है।
वांगचुक की सेहत नाजुक, सरकार से बातचीत के संकेत?
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है और उनकी सेहत लगातार नाजुक बनी हुई है — हाल में उनका ब्लड शुगर गिरकर 60 तक पहुंच गया था और 7 किलो से ज्यादा वजन घट चुका है। वांगचुक ने कहा कि आंदोलन शुरू करने के बाद से उन्हें संकेत मिल रहे हैं कि सरकार लद्दाख मुद्दे पर बातचीत को तैयार हो सकती है। उन्होंने संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चा को भी जनभावना के प्रति सरकार की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा।
‘गर्मी में बैठना पड़ रहा, काश सरकार संवेदनशीलता दिखाती’
वांगचुक ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “हमें यहां गर्मी में बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, काश सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई होती।” इस बीच प्रदर्शनकारियों ने एक दिल्ली पुलिसकर्मी पर चुपके से वीडियो रिकॉर्डिंग करने का भी आरोप लगाया। फिलहाल सरकार की ओर से मांगों पर कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है।
Sources: The Tribune | Deccan Herald

