श्रीनगर.** जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने सोमवार को पूर्ण राज्य के दर्जे की तत्काल बहाली की मांग वाला प्रस्ताव पास कर दिया, हालांकि इस दौरान विपक्षी BJP के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार ने हजारों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प चुनने की अनुमति भी दे दी है।
राज्य के दर्जे का प्रस्ताव
यह प्रस्ताव पिछले शुक्रवार मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में पेश किया था और सोमवार को इसे पास कर दिया गया। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग की गई है। इसे भारत सरकार को भेजने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
विपक्षी BJP ने शुक्रवार और सोमवार दोनों दिन इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। पार्टी सदस्य सदन के बीचोंबीच पहुंच गए, कार्यवाही के कागजात फाड़े और नकली कार्यवाही चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) का बड़ा फैसला
उमर अब्दुल्ला सरकार ने सोमवार को उन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का विकल्प देने का आदेश जारी किया, जिनके पद 24 दिसंबर 2009 से पहले विज्ञापित या नोटिफाई हुए थे, लेकिन जो बाद में नई पेंशन योजना (NPS) के तहत सेवा में शामिल हुए। ऐसे पात्र कर्मचारियों को सरकारी आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर सही माध्यम से यह विकल्प चुनना होगा।
आगे क्या
राज्य के दर्जे का यह प्रस्ताव अब केंद्र सरकार के पास लंबित रहेगा, जिसका अंतिम फैसला केंद्र को लेना है। OPS विकल्प को लेकर हजारों कर्मचारियों में राहत की भावना है, जबकि राज्य के दर्जे के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में यह विवाद जारी रहने की संभावना है।
Sources: The Kashmir Images | Kashmir Reader

