नई दिल्ली। बार-बार आने वाली स्पैम कॉल्स से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 18 सितंबर को Telecom Commercial Communications Customer Preference Regulations, 2018 में संशोधन** करते हुए स्पैम कॉल्स पर नकेल कसने के लिए सख्त नए नियम लागू किए हैं।
नए नियमों की मुख्य बातें
AI आधारित पहचान व्यवस्था
- संशोधित नियमों में कृत्रिम मेधा (AI) आधारित पहचान व्यवस्था को शामिल किया गया है, जो संदिग्ध स्पैम कॉल्स की पहचान करेगी।
- टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) को अब संदिग्ध स्पैम कॉल की जानकारी दूसरे ऑपरेटरों के साथ साझा करनी होगी, ताकि नेटवर्क-वाइड पहचान बेहतर हो सके।
- उपभोक्ताओं के लिए अपील की व्यवस्था भी शुरू की गई है, यानी गलत तरीके से स्पैम चिन्हित होने पर शिकायत की जा सकेगी।
रोबोकॉल और A2P कॉल पर सख्ती
- एप्लीकेशन-टू-पर्सन (A2P) कॉल — यानी बड़े पैमाने पर होने वाले वाणिज्यिक संचार — पर टर्मिनेशन शुल्क लगाने जैसे निरोधक प्रावधान किए गए हैं।
- रोबोकॉल (स्वचालित कॉल) की निगरानी भी अब इन नियमों के दायरे में आएगी।
कनेक्शन काटने का प्रावधान
- जो कंपनियां या संस्थाएं प्रमोशन के लिए सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करती पाई जाएंगी, उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे और उन्हें TCCCPR नियमों के तहत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
आम लोगों के लिए क्या बदलेगा
| पहलू | बदलाव |
|——-|——–|
| स्पैम कॉल्स | AI से तेज और सटीक पहचान |
| फर्जी प्रमोशनल कॉल्स | नियमित मोबाइल नंबरों से करने वालों पर सीधी कार्रवाई |
| शिकायत निवारण | उपभोक्ताओं के लिए अपील की सुविधा |
क्यों जरूरी था यह कदम
पिछले कई महीनों से उपभोक्ता संगठनों और आम जनता की ओर से फर्जी कॉल्स और स्कैम कॉल्स को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में स्पैमर्स सामान्य मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर पहचान से बचते रहे हैं। TRAI का यह कदम इस समस्या पर तकनीकी रूप से नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
आगे क्या
टेलीकॉम ऑपरेटरों को अब नए नियमों के मुताबिक अपने सिस्टम अपडेट करने होंगे। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे स्पैम कॉल्स की शिकायत DND (Do Not Disturb) पोर्टल के जरिए दर्ज कराते रहें, ताकि AI सिस्टम को बेहतर डेटा मिल सके।
Sources: Times Now Hindi | IBC24

