नई दिल्ली. मानसूनी बारिश का कहर लगातार भयावह होता जा रहा है। हिमालय से लेकर मैदानी इलाकों तक लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 50 के पार** पहुंच गई है (कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा और ऊंचा), जबकि दर्जनों लोग घायल या लापता हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, असम, UP और पश्चिम बंगाल तक तबाही की खबरें हैं।
कहां-कितना नुकसान
- जम्मू-कश्मीर: भूस्खलन और बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 23 पहुंची (पुंछ/राजौरी/डोडा सबसे प्रभावित)
- सिक्किम: एक निर्माणाधीन टनल ढहने से करीब 20 मजदूरों की मौत की खबर — खराब मौसम से राहत-बचाव कार्य बाधित (आंकड़े रिपोर्ट्स के हवाले से)
- उत्तराखंड: गौरीकुंड के पास भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आवाजाही रुकी
- हिमाचल: सड़कें बंद, पुल क्षतिग्रस्त; कांगड़ा/मंडी/सिरमौर में स्कूल-कॉलेज बंद किए गए
- असम, UP, पश्चिम बंगाल में भी नदियां उफान पर
यात्राओं पर ब्रेक, अलर्ट बरकरार
खराब मौसम और खतरनाक हालात को देखते हुए तीर्थयात्राओं पर रोक लगानी पड़ी है:
- अमरनाथ यात्रा एहतियातन रोकी गई
- केदारनाथ यात्रा मार्ग भूस्खलन से बाधित
- IMD ने J&K, हिमाचल, उत्तराखंड, UP, बिहार, असम और मेघालय में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है
प्रशासन अलर्ट पर, राहत-बचाव जारी
केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं; NDRF/SDRF की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, पहाड़ी इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा टालने और स्थानीय एडवाइजरी मानने की अपील की है। जानकारों के मुताबिक अगले कुछ दिन हिमालयी राज्यों के लिए बेहद सतर्कता वाले हैं — फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
(मृतकों के आंकड़े अलग-अलग रिपोर्ट्स में भिन्न हैं और अपडेट हो रहे हैं; यहां दिए आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।)
Sources: The Federal | Daily Excelsior | The Tribune

