मुंबई. महीने के आखिरी कारोबारी दिन और मंथली एक्सपायरी के मौके पर मंगलवार 30 जून को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। Sensex 1.30% (करीब 1,000 अंक से ज्यादा) टूटकर 76,506 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 1.23% गिरकर 23,859** पर आ गया। US-Iran को लेकर बनी अनिश्चितता, क्रूड ऑयल में तेजी और कमजोर होते रुपये ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।
क्यों गिरा बाजार
- मंथली एक्सपायरी: डेरिवेटिव एक्सपायरी के दिन उतार-चढ़ाव और प्रॉफिट-बुकिंग बढ़ी।
- US-Iran अनिश्चितता: पश्चिम एशिया में फिर बढ़े तनाव की खबरों ने ग्लोबल सेंटीमेंट बिगाड़ा।
- महंगा क्रूड + कमजोर रुपया: कच्चे तेल के दाम बढ़ने और डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट ने IT, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली कराई।
किन शेयरों ने डुबोया, किसने संभाला
| लीडिंग लूजर्स | रिलेटिव सपोर्ट |
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| रिलायंस, कोटक बैंक, M&M | मेटल शेयर |
| L&T, एक्सिस बैंक, मारुति | फार्मा शेयर |
| SBI, IndiGo, HUL | — |
सेक्टोरल मोर्चे पर IT और ऑटो सबसे बड़े लूजर रहे, जबकि मेटल और फार्मा में अपेक्षाकृत मजबूती दिखी।
आगे क्या
टेक्निकल एनालिस्ट्स के मुताबिक Nifty के लिए अगला अहम सपोर्ट 23,800 पर है, जबकि ऊपर की ओर 24,250 पर रेजिस्टेंस है। बाजार की आगे की दिशा के लिए निवेशकों को मानसून की प्रगति और US-Iran बातचीत पर नजर रखने की सलाह दी गई है। जानकारों का कहना है कि ग्लोबल अनिश्चितता के बीच फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
Sources: 5paisa | Business Today

