मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और महंगे कच्चे तेल ने भारतीय शेयर बाजार की चाल बिगाड़ दी है। पश्चिम एशिया में जारी टकराव के बीच विदेशी निवेशकों (FII**) की लगातार बिकवाली से बाजार दबाव में बना हुआ है।
कहां बंद हुआ बाजार?
पिछले कारोबारी सत्र में Nifty 50 27 अंक यानी 0.12% गिरकर 23,216 पर बंद हुआ, जबकि Sensex मामूली 64 अंक की बढ़त के साथ 73,983 पर रहा। US-Iran तनाव की वजह से निवेशकों की धारणा कमजोर बनी हुई है और बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है।
क्या है दबाव की वजह?
बाजार पर एक साथ कई नकारात्मक कारक हावी हैं:
- US-Iran सैन्य टकराव और Strait of Hormuz में रुकावट की आशंका
- कच्चे तेल में उछाल — Brent क्रूड हाल में $90-95 प्रति बैरल के आसपास
- FII की लगातार बिकवाली — विदेशी निवेशक डॉलर रिटर्न बचाने के लिए पैसा निकाल रहे
- वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत और अमेरिका में बढ़ती महंगाई
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का महंगा होना सीधे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ाता है।
निवेशक किन स्तरों पर रखें नजर?
जानकारों के मुताबिक शॉर्ट-टर्म में बाजार का रुझान तब तक कमजोर रहेगा जब तक:
- Nifty 23,330 के ऊपर टिककर बंद न हो
- Bank Nifty 55,401 के पार न जाए
- Sensex 74,144 के ऊपर न टिके
आगे क्या?
बाजार की दिशा अब काफी हद तक पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। अगर US-Iran तनाव में कमी आती है और क्रूड नरम पड़ता है, तो बाजार में राहत की रैली देखने को मिल सकती है। फिलहाल जानकार निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी से बचने की सलाह दे रहे हैं।
नोट: यह जानकारी सामान्य उद्देश्य के लिए है, निवेश सलाह नहीं। निवेश से पहले विशेषज्ञ की राय लें।
Sources: Business Standard | DSIJ

