नई दिल्ली। एक बड़े diplomatic developments में Pakistan ने Iran और United States के बीच 2-हफ्ते का ceasefire करवाने में अहम भूमिका निभाई है। Pakistan ने Egypt और Turkey के साथ मिलकर back-channel diplomacy की और Iran-US को बातचीत की मेज़ पर लाया। इस खबर से भारत में LPG और energy crisis** में राहत मिलने की उम्मीद जगी है — लेकिन diplomatic स्तर पर India की बेचैनी बढ़ गई है।
India के लिए क्यों अहम है यह ceasefire?
28 फरवरी 2026 को US और Israel ने Iran पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद Strait of Hormuz — वह संकरा समुद्री रास्ता जिससे India की 90% LPG imports गुज़रती हैं — practically बंद हो गया था।
नतीजा:
- India में LPG की किल्लत
- CNG के दाम पहले ही ₹80/kg पार कर चुके थे
- 11 मई को PM Modi ने देशवासियों से gold की खरीद कम करने, petrol-diesel बचाने और घर से काम करने की अपील की थी
अब 2 हफ्ते का ceasefire मिलने से Hormuz में shipping धीरे-धीरे बहाल होने की उम्मीद है।
India क्यों असहज है?
भारत ने Iran war में खुद को neutral रखा था। लेकिन Pakistan का ceasefire mediator बनना India के लिए एक strategic setback है। Straits Times के मुताबिक India इस बात से “frustrated” है कि Pakistan — जो अभी तक regional isolation में था — अचानक एक global peace-broker के रूप में उभरा।
Pakistan के साथ Egypt और Turkey का यह diplomatic alliance India के लिए एक नई geopolitical चुनौती है।
आगे क्या?
2-हफ्ते का ceasefire अस्थायी है। अगर इस दौरान diplomatic बातचीत सफल रही तो Hormuz permanently खुल सकता है — और India की energy problems में बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन अगर बातचीत टूटी तो संकट फिर से गहरा हो सकता है।
India अभी “wait and watch” की रणनीति पर है।
Sources: Wikipedia — India in 2026 Iran War | Al Jazeera

