मुजफ्फरपुर। Bihar के Muzaffarpur में गुरुवार, 4 जून की तड़के एक private hospital में लगी भीषण आग ने 4 मरीजों की जान ले ली। आग Brahmpura इलाके के Prasad Hospital में करीब रात 3 बजे लगी और देखते ही देखते ICU (Intensive Care Unit) तक फैल गई, जहां गंभीर मरीज भर्ती थे। अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। 15-20 मरीजों को rescue** कर लिया गया है। (India TV/IANS, 2026)
अब तक क्या-क्या हुआ?
- आग लगने का समय: तड़के करीब 3 बजे, सूचना 3:55 AM पर मिली
- जगह: Prasad Hospital, Brahmpura, Muzaffarpur
- मौतें: 4 मरीज (toll बढ़ने की आशंका)
- Rescue: 15-20 मरीज सुरक्षित निकाले गए
- Fire tenders: 12 दमकल गाड़ियां मौके पर
- शक: Short circuit (पांचवीं मंज़िल/ICU में)
बाकी मरीजों को पास के दूसरे अस्पतालों में shift किया गया है। (India.com, 2026)
Short Circuit बनी वजह?
शुरुआती जांच में आग की वजह short circuit बताई जा रही है। Fire official Ram Niwas Pandey ने कहा — “आग short circuit से लगी और हालात बेहद critical थे।” ICU जैसे sensitive ward में oxygen और medical equipment के बीच आग तेज़ी से फैलती है, जिससे rescue मुश्किल हो जाता है। (India TV, 2026)
Fire Safety पर फिर उठे सवाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के वक्त अस्पताल का fire hydrant system काम नहीं कर रहा था, और fire extinguishers मौजूद होने के बावजूद उन्हें चलाने वाला कोई नहीं था। यह एक बार फिर भारत के अस्पतालों की fire safety और NOC compliance पर बड़ा सवाल खड़ा करता है — खासकर private hospitals में, जहां ICU जैसे high-risk वार्ड बिना पुख्ता safety के चल रहे हैं। (India.com, 2026)
प्रशासन का क्या कहना है?
District Magistrate Subrat Kumar Sen ने इसे “बेहद दर्दनाक हादसा” बताते हुए कहा कि शुरुआती जानकारी में कई लोगों की जान गई है। Bihar सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख मुआवज़े का ऐलान किया है। हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और अस्पताल के license व safety norms की पड़ताल की जाएगी। (IANS/Siasat, 2026)
बड़ी तस्वीर
देश में अस्पताल की आग कोई नई बात नहीं — लेकिन हर बार वजह वही निकलती है: short circuit, खराब wiring और काम न करने वाला fire system। Muzaffarpur का यह हादसा बताता है कि regular fire audit और staff training सिर्फ कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर ज़रूरी हैं। अभी rescue और जांच जारी है — पूरी रिपोर्ट आने पर ही सही आंकड़ा और जवाबदेही साफ होगी।
Sources: India TV | India.com | IANS | Siasat

