लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज के पुरनिया इलाके में एक कोचिंग सेंटर वाली तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वाले ज्यादातर छात्र 20 से 24 साल** की उम्र के थे, जो उस वक्त कोचिंग में पढ़ाई कर रहे थे। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
तेजी से फैली आग, फंस गए दर्जनों छात्र
आग बहुत तेजी से फैली, जिससे इमारत के अंदर दर्जनों छात्र फंस गए। आग और धुएं से बचने के लिए कई छात्रों ने ऊपरी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे कई घायल हो गए। आसपास के लोगों ने भी रेस्क्यू में मदद की और कुछ छात्रों को बगल की इमारतों की छतों के रास्ते बाहर निकाला।
फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने सीढ़ियों के सहारे छत तक पहुंचकर लोगों को बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और 6 एंबुलेंस तैनात की गईं। राहत और बचाव कार्य देर तक चलता रहा।
CM योगी ने बीच में छोड़ा दौरा
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का अपना आधिकारिक दौरा बीच में छोड़ दिया और आनन-फानन में राजधानी लौटे। उन्होंने राहत कार्यों की निगरानी की और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए।
राष्ट्रपति और राहुल गांधी ने जताया शोक
इस दुखद हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और इसे “बेहद हृदयविदारक” बताया। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। हादसे के बाद कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा (fire safety) के इंतजामों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

