पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में कानूनी लड़ाई तेज होती जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अदालत ने बचाव पक्ष की एक अहम मांग को आंशिक रूप से मंजूर करते हुए पुणे ग्रामीण SP दफ्तर के एंट्री, एग्जिट और लॉबी एरिया के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है, जिसे तय समय के भीतर अदालत में पेश किया जाना है। दोनों आरोपी सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) फिलहाल यरवडा सेंट्रल जेल** में न्यायिक हिरासत में हैं।
बचाव पक्ष का दांव: CCTV फुटेज
बचाव पक्ष लगातार सक्रिय है और कानूनी मोर्चे पर अपने कदम बढ़ा रहा है:
- SP दफ्तर के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग को अदालत ने आंशिक रूप से माना
- यह फुटेज तय समयसीमा के भीतर अदालत में पेश किया जाना है
- बचाव पक्ष पहले भी केस को ‘हादसा’ बताकर और सीधे सबूतों की कमी का हवाला देकर चुनौती दे चुका है
(ये जानकारियां अदालती कार्यवाही और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।)
पुलिस की तैयारी: चार्जशीट और डिजिटल सबूत
दूसरी ओर पुणे ग्रामीण पुलिस चार्जशीट तैयार करने में जुटी है, ताकि वह अदालत की कसौटी पर टिक सके:
- कानूनन गिरफ्तारी से 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है
- चूंकि चश्मदीद या सीधा फुटेज नहीं, पूरा दारोमदार डिजिटल-फॉरेंसिक सबूतों (कॉल/चैट/कोड-वर्ड/लोकेशन/मनी-ट्रेल) पर
- हाल में चेतन के साथ क्राइम सीन रीक्रिएशन, ‘लापता पासपोर्ट’ और पैसों के लेनदेन के एंगल भी जांच में जुड़े
अब तक की जांच के अहम बिंदु
- पुलिस के मुताबिक यह कथित सुनियोजित हत्या थी (कथित तौर पर पहले घायल करने, फिर सुपारी, आखिर में वारदात की साजिश)
- जांच में सामने आया कि वारदात में सिया-चेतन के अलावा कोई तीसरा सीधे तौर पर शामिल नहीं था
- कथित ‘गुपचुप शादी’ का दावा खाटू श्याम मंदिर के CCTV में सत्यापित नहीं हुआ
- केतन के पिता फास्ट-ट्रैक सुनवाई और फांसी की मांग PM तक पहुंचा चुके हैं
(मामला अदालत में विचाराधीन है। सभी दावे पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं; कोई भी आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुआ है।)
Sources: ANI | AajTak — Siya Goyal

