नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र (21 जुलाई से संभावित) से ठीक पहले राजनीतिक गलियारों में मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल और विस्तार** की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक PM नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल की मंत्रिपरिषद में जल्द बड़ा बदलाव कर सकते हैं — जिसमें कुछ मंत्रियों की छुट्टी और कई के पोर्टफोलियो बदलने की संभावना है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
क्या-क्या बदलाव संभव
- मंत्रियों की छुट्टी और नए चेहरे: कई पुराने मंत्री हट सकते हैं और नए चेहरों को मौका मिल सकता है।
- युवा-महिला-OBC पर फोकस: चर्चा है कि फेरबदल में युवाओं, महिलाओं और पिछड़ा वर्ग (OBC) को ज्यादा प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
- वित्त मंत्रालय में बदलाव की अटकलें: PM के प्रधान सचिव और पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर चर्चा में है (हालांकि यह केवल अटकल है)।
- नई BJP टीम: कैबिनेट फेरबदल के साथ-साथ पार्टी अध्यक्ष के नेतृत्व में नई BJP संगठन टीम की भी घोषणा संभव, जिसमें युवा चेहरों को अहम भूमिका मिल सकती है।
‘सुपर मेजॉरिटी’ की रणनीति
BJP की नजर संसद में दो-तिहाई बहुमत (‘सुपर मेजॉरिटी’) पर है, जो Delimitation (परिसीमन) और महिला आरक्षण जैसे विवादित विधेयकों को पास कराने के लिए जरूरी है। यही वजह है कि सरकार मानसून सत्र से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तर पर अपनी टीम को मजबूत और संतुलित करना चाहती है, ताकि आने वाले राज्यों के चुनावों और बड़े विधायी एजेंडे को साधा जा सके।
आगे क्या
राजनीतिक हलकों में कयास हैं कि फेरबदल की घोषणा मानसून सत्र शुरू होने से पहले कभी भी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह 2029 लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का बड़ा रणनीतिक कदम माना जाएगा। फिलहाल सबकी निगाहें आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं।

