Thu. Aug 13th, 2026

जस्टिस वर्मा पर सभी आरोप साबित: जांच समिति की रिपोर्ट संसद में पेश, कैश कांड में सफाई नहीं दे पाए — शीतकालीन सत्र में महाभियोग की तैयारी

जस्टिस वर्मा पर सभी आरोप साबित: जांच समिति की रिपोर्ट संसद में पेश, कैश कांड में सफाई नहीं दे पाए — शीतकालीन सत्र में महाभियोग की तैयारी
Breaking News

नई दिल्ली. न्यायपालिका की जवाबदेही से जुड़े एक बड़े मामले में जजेस इन्क्वायरी कमेटी (Judges Inquiry Committee) ने अपनी रिपोर्ट संसद के पटल पर रख दी है। रिपोर्ट का निष्कर्ष साफ है — जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे तीनों आरोप (Articles of Charge) साबित** हो गए हैं। 12 अगस्त को संसद के दोनों सदनों के महासचिवों ने यह रिपोर्ट सदन में पेश की। मामला जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास पर मिले भारी नकदी (कैश) से जुड़ा है।

क्या है पूरा मामला

  • मार्च 2025 में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने के बाद वहां भारी मात्रा में नकदी मिली थी
  • समिति ने पाया कि इस नकदी की संतोषजनक सफाई कभी नहीं दी गई
  • रिपोर्ट के मुताबिक आग के बाद सबूतों से छेड़छाड़ भी की गई
  • जस्टिस वर्मा ‘पर्याप्त स्पष्टीकरण देने में विफल’ रहे

जांच समिति और प्रक्रिया

जस्टिस वर्मा को हटाने का बहुदलीय (multi-party) प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद स्पीकर ने एक वैधानिक तीन सदस्यीय जजेस इन्क्वायरी कमेटी गठित की थी। इसमें शामिल थे:

  • सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार (पीठासीन अधिकारी)
  • जस्टिस श्री चंद्रशेखर
  • वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य

आगे क्या होगा

सरकारी सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में महाभियोग (impeachment) की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। इसमें सांसद तय करेंगे कि जस्टिस वर्मा को हटाने का प्रस्ताव संविधान के तहत जरूरी विशेष बहुमत हासिल करता है या नहीं। किसी उच्च न्यायालय के जज को हटाने की यह प्रक्रिया बेहद दुर्लभ और गंभीर मानी जाती है, और इसने न्यायपालिका की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस को जन्म दिया है।

(यह रिपोर्ट संसदीय दस्तावेजों और आधिकारिक रिपोर्ट्स पर आधारित है।)

Sources: Verdictum | The Week

By Nilesh

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *