वॉशिंगटन/दोहा. US और Iran के बीच महीनेभर पहले हुआ सीजफायर एक बार फिर खतरे में पड़ता दिख रहा है। बीते वीकेंड पर दोनों पक्षों ने खाड़ी में फिर हमले किए, जिससे शांति समझौते पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि तनाव के बावजूद मंगलवार (30 जून) को कतर में Iran के साथ बातचीत फिर शुरू** होगी। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दरवाजे अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।
ताजा हालात
- वीकेंड पर US और Iran के बीच हमलों के आदान-प्रदान से सीजफायर पर अनिश्चितता गहराई।
- ट्रंप के मुताबिक दोहा (कतर) में मंगलवार को बातचीत का नया दौर होगा।
- सकारात्मक संकेत के तौर पर Iran और UAE के बीच 4 महीने में पहली सीधी कमर्शियल फ्लाइट सोमवार को संचालित हुई — युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली डायरेक्ट उड़ान है।
- Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है।
भारत पर असर
पश्चिम एशिया का यह तनाव सीधे भारत की अर्थव्यवस्था को छूता है। अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, जिसका असर आज भारतीय शेयर बाजार की गिरावट में भी दिखा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी से आयात करता है, इसलिए क्रूड महंगा होने पर महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि एशिया — खासकर चीन — में तेल की मांग युद्ध के दौरान तेजी से घटी है, जिससे कीमतों को कुछ हद तक थामे रखने में मदद मिली है।
आगे की राह
कतर में होने वाली बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर है। अगर यह दौर सफल रहा तो सीजफायर को दोबारा पटरी पर लाया जा सकता है; नाकाम रहने पर खाड़ी में तनाव और बढ़ने का खतरा है। भारत समेत तमाम तेल-आयातक देश इस कूटनीतिक कोशिश के नतीजे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
Sources: CNN | Al Jazeera

