नई दिल्ली. देशभर में मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। पहले जहां डेंगू को सिर्फ मानसून और उसके बाद के महीनों की बीमारी माना जाता था, वहीं अब यह साल भर की समस्या बनती जा रही है। नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल (NCVBDC) के मुताबिक इस साल फरवरी के अंत तक ही देश में करीब 6,927 डेंगू केस** दर्ज हो चुके थे — जो असामान्य रूप से जल्दी फैलाव का संकेत है।
क्यों बढ़ रहा है खतरा
- बढ़ता तापमान: गर्मी बढ़ने से डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर ज्यादा समय तक जिंदा रहते हैं।
- बेमौसम बारिश: अनियमित बारिश से जगह-जगह पानी जमा होता है, जो मच्छरों के पनपने की आदर्श जगह बनता है।
- तेज शहरीकरण: शहरों में जमा पानी, कूलर, गमले और खुले टैंक मच्छरों को पनपने में मदद करते हैं।
इन्हीं वजहों से डेंगू अब मानसून तक सीमित न रहकर साल भर की सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन गया है।
डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार, सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द (‘हड्डी तोड़ बुखार’)
- शरीर पर लाल चकत्ते, जी मिचलाना और कमजोरी
- गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स गिरना — तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
बचाव के आसान उपाय
1. घर और आसपास पानी जमा न होने दें — कूलर, गमले, टंकी हफ्ते में एक बार खाली कर सुखाएं।
2. पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम/रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
3. सोते समय मच्छरदानी लगाएं, खिड़कियों पर जाली लगवाएं।
4. बुखार आने पर खुद दवा न लें — डॉक्टर की सलाह से जांच कराएं और खूब पानी/तरल पदार्थ लें।
5. आसपास सफाई रखें और नगर निगम की फॉगिंग में सहयोग करें।
Sources: Al Jazeera | NCVBDC

