नई दिल्ली। आज 25 जून को निर्जला एकादशी का पावन व्रत है। साल भर में पड़ने वाली सभी 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और सबसे फलदायी माना जाता है। इस व्रत में श्रद्धालु बिना अन्न और बिना जल (निर्जल)** के पूरे दिन उपवास रखते हैं। मान्यता है कि अकेले इस एक व्रत को रखने से साल की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य मिलता है। लेकिन जून की भीषण गर्मी में बिना पानी का व्रत सेहत के लिए चुनौती भी बन सकता है, इसलिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
गर्मी में निर्जला व्रत क्यों मुश्किल?
तेज गर्मी और पसीने के कारण शरीर से पानी तेजी से निकलता है। ऐसे में दिनभर बिना पानी रहने से डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), चक्कर, कमजोरी और लो ब्लड प्रेशर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए व्रत रखने से पहले और व्रत खोलने के बाद सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए।
व्रत के दौरान सेहत के लिए जरूरी टिप्स
- व्रत से पहले: एक दिन पहले रात में और सुबह सूर्योदय से पहले भरपूर पानी और फल खाएं, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।
- धूप से बचें: दिन में तेज धूप और बाहर के काम से बचें, ठंडी और हवादार जगह पर रहें।
- ज्यादा मेहनत न करें: व्रत के दिन भारी शारीरिक काम और एक्सरसाइज से परहेज करें।
- व्रत खोलते समय: अगले दिन व्रत खोलते वक्त एकदम से ज्यादा पानी न पिएं — पहले थोड़ा-थोड़ा पानी, फिर नींबू पानी, फल और हल्का भोजन लें।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, हार्ट या किडनी के मरीज, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चों** को बिना पानी का कठोर व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। सेहत से समझौता किए बिना ही श्रद्धा के साथ व्रत रखें।
आस्था के साथ सेहत भी जरूरी
निर्जला एकादशी आस्था और संयम का पर्व है, लेकिन सेहत भी उतनी ही जरूरी है। अगर व्रत के दौरान ज्यादा कमजोरी, चक्कर या बेचैनी महसूस हो, तो तुरंत थोड़ा पानी या तरल लें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें। श्रद्धा और सावधानी, दोनों के साथ रखा गया व्रत ही सही मायनों में फलदायी होता है।
नोट: यह जानकारी सामान्य सेहत मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

