ऑकलैंड. इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के इंडो-पैसिफिक दौरे के आखिरी पड़ाव न्यूजीलैंड पहुंचे। यह 40 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला न्यूजीलैंड दौरा है, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने द्विपक्षीय रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership)** के स्तर पर पहुंचाया।
‘रोडमैप 2030’ — व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
दोनों नेताओं ने ‘रोडमैप टू 2030’ पर सहमति जताई, जिसके तहत 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने और समुद्री सुरक्षा मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें निवेश, तकनीक, शिक्षा, पर्यटन, खेल, कृषि और समुदाय जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता शामिल है। वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने कई समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
FTA — लक्सन की बड़ी कूटनीतिक जीत
दौरे की सबसे बड़ी बात रही दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में बढ़ना — जिसे न्यूजीलैंड के PM लक्सन की बड़ी विदेश-नीति उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। यह समझौता न्यूजीलैंड के निर्यातकों के लिए भारत का बड़ा बाजार खोल सकता है।
संगठित अपराध के खिलाफ साझा संकल्प
संयुक्त बयान में दोनों प्रधानमंत्रियों ने सीमापार और संगठित अपराध — जैसे नशीली दवाओं की तस्करी, वित्तीय अपराध, साइबर अपराध, आतंकवाद, मानव तस्करी और लोगों की अवैध तस्करी — के खिलाफ मिलकर काम करने पर सहमति जताई। यह पूरा इंडो-पैसिफिक दौरा क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे के बीच भारत की रणनीतिक पकड़ मजबूत करने पर केंद्रित रहा।
Sources: Business Standard | RNZ

