नई दिल्ली. जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) का धरना आज 28वें दिन में है, और आंदोलन अब खुले तौर पर सियासी मोड़ ले चुका है। गुरुवार को CJP की देशव्यापी एक-दिवसीय भूख हड़ताल के बीच अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पहुंचे** और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। AAP सांसद संजय सिंह और दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी साथ रहे।
‘वांगचुक को ही बना दो शिक्षा मंत्री’
केजरीवाल ने वांगचुक की भूख हड़ताल की तुलना अन्ना आंदोलन से करते हुए केंद्र से छात्रों की बात सुनने की अपील की। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की CJP की मांग दोहराई और यहां तक कह दिया कि ‘वांगचुक को ही देश का शिक्षा मंत्री बना देना चाहिए।’ इससे पहले केजरीवाल वांगचुक को ‘देश की धरोहर’ बताकर उनसे अनशन खत्म करने की अपील भी कर चुके हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक विपक्षी नेताओं ने 20 जुलाई के संसद मार्च को समर्थन देने का भी ऐलान किया — यानी मार्च के दिन जंतर-मंतर पर सियासी जमावड़ा और बड़ा हो सकता है।
वांगचुक की हड़ताल 20वें दिन, विपक्ष की कतार लंबी
- वांगचुक का अनशन आज 20वें दिन में — रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 9 किलो वजन घट चुका है, हालत नाजुक बनी हुई है और वे चौबीसों घंटे मेडिकल निगरानी में हैं
- अब तक AAP, SP, शिवसेना (UBT), TMC, CPI, CPI(ML) और RJD समेत कई दल आंदोलन के समर्थन में आ चुके हैं
- रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस ने भी वांगचुक की हड़ताल पर चुप्पी तोड़ी है — हालांकि CJP के सैटायर आंदोलन पर पार्टी अब भी सधी हुई दूरी बनाए हुए है
- गुरुवार की देशव्यापी सांकेतिक भूख हड़ताल में कई शहरों के छात्र शामिल हुए
20 जुलाई: सबसे बड़ा इम्तिहान
अब सबकी निगाहें सोमवार 20 जुलाई पर हैं — उसी दिन संसद का मानसून सत्र शुरू होगा और CJP का जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च प्रस्तावित है। विपक्ष NEET पेपर लीक का मुद्दा सदन के भीतर भी उठाने की तैयारी में है — यानी सड़क और संसद, दोनों मोर्चों पर एक ही दिन सरकार की घेराबंदी की तैयारी है। सरकार की ओर से आंदोलन की मांगों पर अब तक कोई सार्वजनिक जवाब नहीं आया है।
(मांगें और आरोप प्रदर्शनकारियों/CJP/विपक्षी दलों के हैं; वांगचुक की सेहत संबंधी जानकारी रिपोर्ट्स पर आधारित है।)
Sources: The Tribune | National Herald | ThePrint Hindi

