नई दिल्ली. जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) का धरना मंगलवार को 25वें दिन में दाखिल हो गया। NEET 2026 पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर 20 जून से जारी इस आंदोलन की निगाहें अब 20 जुलाई के संसद मार्च* पर टिकी हैं — जिसमें अब सिर्फ 6 दिन बचे हैं। (नोट: यह रिपोर्ट प्रदर्शनकारियों के दावों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)
वांगचुक की भूख हड़ताल 17वें दिन, 7.5 किलो वजन घटा
आंदोलन के समर्थन में बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आज 17वें दिन में पहुंच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 जून से अनशन पर बैठे वांगचुक का अब तक करीब 7.5 किलो वजन घट चुका है और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है — पिछले दिनों उनका ब्लड शुगर गिरकर 60 तक पहुंच गया था।
इस बीच वांगचुक ने समर्थकों की ओर से मिल रहे ‘हीरो’ दर्जे से खुद को अलग करते हुए कहा — “मैं कोई आधुनिक गांधी नहीं, सिर्फ एक आम नागरिक हूं।” उन्होंने नागरिकों से आगे आकर खुद नेतृत्व संभालने की अपील की।
20 जुलाई के संसद मार्च की तैयारी तेज
वांगचुक और CJP ने लोगों से 20 जुलाई — संसद के मानसून सत्र के पहले दिन — जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की अपील दोहराई है। वांगचुक के मुताबिक मार्च का मकसद सांसदों पर प्रदर्शनकारियों की मांगें सदन में उठाने का दबाव बनाना है। आंदोलन बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ समेत कई शहरों तक फैल चुका है।
लद्दाख पर केंद्र का ऐलान — वांगचुक के लिए अहम मोड़?
सोमवार को ही केंद्र ने लद्दाख के सभी 7 जिलों में हिल काउंसिल और Article 371 के तहत UT-स्तरीय निकाय बनाने का ऐलान किया — लद्दाख के मुद्दे वही हैं जिन्हें वांगचुक वर्षों से उठाते रहे हैं और हाल में उन्होंने सरकार की ओर से बातचीत के संकेत मिलने की बात कही थी। हालांकि जंतर-मंतर पर उनकी मौजूदा हड़ताल NEET मुद्दे पर है और उस पर सरकार की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है।
Sources: Business Today | Social News XYZ

