नई दिल्ली. संसद का मानसून सत्र आज सोमवार से शुरू हो रहा है और पहले ही दिन सदन के गरमाने के पूरे आसार हैं। 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में 25 दिनों में कुल 19 बैठकें** होंगी। सरकार जहां कई अहम विधेयक पास कराना चाहती है, वहीं विपक्ष NEET पेपर लीक से लेकर राम मंदिर दान विवाद तक कई मुद्दों पर हमलावर रहने की तैयारी में है।
NCPI की डेब्यू, TMC के 20 ‘बागी’ सांसदों पर टकराव
इस सत्र का सबसे नया सियासी कोण है National Citizens Party of India (NCPI) की संसद में एंट्री — यह नई पार्टी TMC के 20 ‘बागी’ सांसदों के साथ डेब्यू कर रही है, जिनकी सदस्यता पर फैसला अभी लोकसभा स्पीकर को करना है। इन्हें सदन में अलग बैठक व्यवस्था दी गई है।
- सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने प्रतीकात्मक वॉकआउट किया
- कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा NCPI को बैठक में बुलाए जाने पर आपत्ति जताई — इसे ’20 बागी TMC सांसदों की पार्किंग जगह’ करार दिया
विपक्ष के तरकश में कई तीर
विपक्ष जिन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा:
- NEET-UG पेपर लीक — जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच यह मुद्दा सड़क से संसद तक गूंजेगा
- राम मंदिर दान को लेकर उठे आरोप
- राजनीतिक दलबदल और NCP संकट
- रक्षा मंत्री के Operation Sindoor वाले बयान पर चर्चा की मांग
सरकार का एजेंडा: महिला आरक्षण से टैक्स तक
दूसरी ओर सरकार इस सत्र में कई अहम विधेयक लाने की तैयारी में है — महिला आरक्षण, कराधान (taxation) और शिक्षा सुधार से जुड़े बिल प्राथमिकता में हैं। 130वें संविधान संशोधन (मंत्रियों की 30-दिन हिरासत पर पद छोड़ने का प्रावधान) पर JPC रिपोर्ट भी सत्र में चर्चा का बड़ा विषय बनेगी।
आज संसद के भीतर हंगामे के साथ-साथ बाहर जंतर-मंतर से प्रस्तावित CJP का संसद मार्च भी है — यानी सड़क और सदन, दोनों मोर्चों पर सियासी तपिश रहेगी। दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
Sources: ANI | Outlook India | Business Standard

