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अस्पताल में भी अनशन जारी: वांगचुक ने IV ड्रिप तक ठुकराई; पत्नी का ऐलान — कल का संसद मार्च होगा; सोनिया गांधी की एंट्री से सियासत गरमाई

अस्पताल में भी अनशन जारी: वांगचुक ने IV ड्रिप तक ठुकराई; पत्नी का ऐलान — कल का संसद मार्च होगा; सोनिया गांधी की एंट्री से सियासत गरमाई
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नई दिल्ली. जंतर-मंतर से जबरन अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद भी सोनम वांगचुक झुके नहीं हैं। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने रिपोर्ट्स के मुताबिक IV फ्लूइड, ORS और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है — उनके निजी डॉक्टरों के मुताबिक उन्होंने अस्पताल में भी कुछ खाया-पिया नहीं है, यानी भूख हड़ताल 22वें दिन भी जारी है। डिहाइड्रेशन और मेटाबॉलिक गड़बड़ियों के संकेतों के बावजूद उनकी हालत फिलहाल स्थिर पर कमजोर** बताई जा रही है; अब तक करीब 9.5 किलो वजन घट चुका है।

पत्नी का दो टूक ऐलान — मार्च कल होगा

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने साफ कर दिया है कि 20 जुलाई का संसद मार्च तय कार्यक्रम के मुताबिक कल होगा — भले वांगचुक अस्पताल में हों। परिवार और वकीलों का आरोप है कि सरकार-प्रशासन उनका अनशन तुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं; पत्नी पहले ही कह चुकी हैं कि उनकी मंजूरी के बिना कोई इलाज नहीं होगा। उधर CJP संस्थापक अभिजीत डिपके का अनिश्चितकालीन अनशन आज दूसरे दिन में है — जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद भी आंदोलन थमा नहीं है।

सोनिया गांधी की एंट्री — 42 साल पुराना कनेक्शन

आंदोलन को अब तक सधी दूरी से देख रही कांग्रेस में भी हलचल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनिया गांधी ने पार्टी से वांगचुक के समर्थन में खुलकर खड़े होने को कहा है। दिलचस्प संयोग यह कि करीब 42 साल पहले इंदिरा गांधी भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक के पिता से मिलने पहुंची थीं — वही भावनात्मक कड़ी अब कांग्रेस के रुख में दिख रही है। AAP, SP, UBT, TMC, वाम दल और RJD पहले ही समर्थन में हैं। वांगचुक की भूख हड़ताल को अंतरराष्ट्रीय मीडिया (CBS समेत) भी प्रमुखता से कवर कर रहा है।

कल का दिन सब तय करेगा

कल यानी सोमवार को एक साथ तीन मोर्चे खुलेंगे:

  • संसद मार्च — बिना वांगचुक के, डिपके/CJP की अगुवाई में; पुलिस की तैयारी और अनुमति पर सस्पेंस बरकरार
  • मानसून सत्र का पहला दिन — विपक्ष NEET लीक और वांगचुक की हड़ताल का मुद्दा सदन में उठाएगा
  • वांगचुक की सेहत — IV ठुकराने के बाद डॉक्टरों की चिंता बढ़ती जा रही है

सरकार की ओर से आंदोलन की मांगों पर अब तक कोई सार्वजनिक जवाब नहीं आया है। 30 दिन पुराना यह आंदोलन कल अपने सबसे बड़े इम्तिहान पर होगा।

(मांगें और आरोप प्रदर्शनकारियों/CJP/परिजनों के हैं; सेहत संबंधी जानकारी डॉक्टरों/रिपोर्ट्स के हवाले से है। घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है।)

Sources: Outlook India | Deccan Herald | The Tribune

By Nilesh

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