नई दिल्ली. सोशल मीडिया पर खाने-पीने के प्रोडक्ट्स का प्रचार करने वाले इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक जरूरी खबर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फूड इन्फ्लुएंसर्स को चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रोडक्ट का प्रचार (endorsement) करने से पहले उसके दावों की अच्छी तरह जांच** कर लें। बढ़ते विज्ञापन उल्लंघन के मामलों को देखते हुए FSSAI ने यह एडवाइजरी जारी की है।
FSSAI ने क्या कहा
- प्रचार से पहले जांचें कि प्रोडक्ट के बारे में किए गए दावे सटीक, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और नियमों के अनुरूप हैं या नहीं
- “इम्युनिटी बूस्ट करता है” या “पोषक तत्वों से भरपूर” जैसे हेल्थ और न्यूट्रिशन दावों से सावधान रहें, अगर ब्रांड उन्हें प्रमाणित न कर सके
- बिना जांचे भ्रामक दावों का प्रचार करने पर एंडोर्सर को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है
आंकड़े क्या कहते हैं
विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं:
- गैर-अनुपालन (non-compliant) या संशोधन-योग्य विज्ञापन 2021-22 में 93% से बढ़कर 2025-26 में 98% हो गए
- इस दौरान ASCI ने 37,532 विज्ञापन उल्लंघन के मामले निपटाए
- इनमें से करीब 21.12% मामले इन्फ्लुएंसर से जुड़े उल्लंघन थे
उपभोक्ताओं के हित में कदम
FSSAI का यह कदम आम उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आजकल सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर्स की सलाह पर लोग सेहत से जुड़े प्रोडक्ट खरीदते हैं, ऐसे में गलत या बिना प्रमाण के दावे लोगों की सेहत और जेब दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन्फ्लुएंसर्स को अब जिम्मेदारी से प्रचार करना होगा, वरना कानूनी जोखिम बढ़ सकता है।
Sources: Business Standard | BuzzInContent

