यरुशलम. गाजा में लंबे संघर्ष के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। इजरायली सेना ने अपने सैनिकों के आचरण को लेकर पहली बार आंतरिक आपराधिक जांच (criminal investigations) शुरू करने की घोषणा की है। यह जांच खासतौर पर 5 साल की बच्ची हिंद रजब और उसके परिवार, तथा 15 फिलिस्तीनी पैरामेडिक्स (चिकित्साकर्मियों) की मौत** के मामलों पर केंद्रित है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते दबाव के बीच इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या है मामला
- इजरायली सेना ने पहली बार यह स्वीकार किया कि हिंद रजब को ले जा रही कार पर गोलियां चलाई गई थीं
- इसी के साथ सेना ने इन घटनाओं की औपचारिक आपराधिक जांच शुरू करने की बात कही
- जांच के दायरे में सैनिकों का आचरण और इन मौतों की परिस्थितियां शामिल हैं
बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
गाजा में नागरिकों, खासकर बच्चों और चिकित्साकर्मियों की मौतों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार सवाल उठाता रहा है। मानवाधिकार संगठनों और कई देशों ने पारदर्शी जांच की मांग की थी। इजरायली सेना का यह कदम इसी दबाव के बीच आया है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि ऐसी आंतरिक जांचों की विश्वसनीयता और नतीजों पर नजर रखना जरूरी है।
आगे क्या
गाजा में शांति और युद्धविराम की कोशिशों के बीच यह जांच एक अहम पहलू है। एक ओर कूटनीतिक स्तर पर शांति समझौते के प्रयास चल रहे हैं, वहीं जमीनी स्तर पर मानवीय संकट और जवाबदेही के सवाल बने हुए हैं। दुनियाभर की नजरें इस बात पर हैं कि यह जांच किस दिशा में जाती है और क्या इससे प्रभावित परिवारों को न्याय मिल पाता है।
(यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)
Sources: NPR World | Times of Israel

