जयपुर। राजस्थान में आज 273 नगरीय निकायों में महापौर, अध्यक्ष और चेयरमैन पद के लिए मतदान हो रहा है। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक वोटिंग** के बाद तुरंत मतगणना शुरू होगी। यह पिछले महीने हुए वार्ड-स्तरीय निकाय चुनावों के बाद अगला और निर्णायक चरण है।
जोधपुर — सबसे रोमांचक मुकाबला
- वार्ड चुनावों में भाजपा और कांग्रेस दोनों को बराबर 44-44 सीटें मिली थीं, जबकि 10 सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं।
- इस बराबरी के चलते जोधपुर में महापौर पद की जंग सबसे दिलचस्प मानी जा रही है — निर्दलीय पार्षदों का समर्थन ही तय करेगा कि महापौर की कुर्सी किसे मिलेगी।
अजमेर — निर्दलीय बने चर्चा का केंद्र
अजमेर में 11 निर्दलीय पार्षद किंगमेकर की भूमिका में हैं, जिन पर दोनों प्रमुख दलों की निगाहें टिकी हैं। इसके अलावा कांग्रेस उम्मीदवार किरण गढ़वाल की उम्मीदवारी पर भाजपा की आपत्ति को खारिज कर दिया गया, जिसके बाद वे चुनाव लड़ने के लिए स्वीकृत हुईं — दोनों प्रमुख दलों ने यहां महिला उम्मीदवार उतारी हैं।
‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ का दौर
महापौर चुनाव से पहले कई शहरों में ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ देखने को मिली — कांग्रेस ने अपने पार्षदों को मतदान में शामिल होना सुनिश्चित करने के लिए रिसॉर्ट्स में ठहराया। झुंझुनू में एक कांग्रेस पार्षद के भाजपा अध्यक्ष उम्मीदवार बनने की खबर ने भी सियासी हलचल मचाई है।
अन्य प्रमुख शहर
चुनाव जयपुर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और बीकानेर समेत सभी बड़े नगर निगमों में हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस को 3 जिलों में तनाव का सामना करना पड़ रहा है, जबकि उदयपुर और अलवर में भाजपा की राह अपेक्षाकृत आसान मानी जा रही है।
क्यों अहम है यह चुनाव
यह चुनाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार के लिए एक और बड़ी परीक्षा है। महापौर और अध्यक्ष पद की जंग में स्थानीय स्तर पर पार्टी संगठन की मजबूती और गठबंधन बनाने की क्षमता दोनों की परीक्षा होगी।
आगे क्या
मतगणना आज ही मतदान के तुरंत बाद शुरू होगी। नतीजों के साथ ही जोधपुर और अजमेर जैसे शहरों में महापौर पद को लेकर आगे की सियासी जोड़-तोड़ भी सामने आएगी।

