नई दिल्ली.** चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ चल रहे “लोकतंत्र बचाओ मार्च” के तहत जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि एक पुलिस अधिकारी ने एक महिला पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया, और इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधा सवाल पूछा — “अमित शाह जी, आप कहां हैं?”
क्या हुआ जंतर-मंतर पर
राहुल गांधी के मुताबिक, एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया, जिसके बाद सैकड़ों पत्रकार घंटों तक जंतर-मंतर पर बैठकर FIR दर्ज करने की मांग करते रहे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी बदसलूकी हुई, कैमरे छीने गए और पत्रकारों को खींचा-घसीटा गया।
शनिवार को हुए इस प्रदर्शन में अकेले जंतर-मंतर से 1,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने वालों में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण व कपिल सिब्बल भी शामिल थे।
FIR और पुलिस कार्रवाई
2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए बड़े विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने कम से कम तीन FIR दर्ज की हैं — दो पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में और एक कनॉट प्लेस थाने में, प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन के आरोप में।
राहुल गांधी का सवाल
राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है और इसलिए सीधे गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही मांगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
आगे क्या
यह घटना चुनाव आयोग (CEC ज्ञानेश कुमार) को हटाने की मांग को लेकर चल रहे व्यापक विपक्षी आंदोलन के बीच हुई है, जिसमें 6 अक्टूबर को EC दफ्तर तक मार्च और इसके बाद राष्ट्रपति से मुलाकात की योजना है। दिल्ली पुलिस या गृह मंत्रालय की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

