पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए सबसे पहले एक सुपारी किलर (contract killer) की मदद लेने की कोशिश की थी। पर जब कथित किलर को पता चला कि निशाना कारोबारी केतन अग्रवाल है, तो वह घबरा गया और उसने यह काम करने से साफ इनकार** कर दिया।
पुलिस का दावा: कैसे आगे बढ़ी साजिश
- पहला कथित कदम — सुपारी देकर हत्या कराने की कोशिश, जो किलर के इनकार से फेल हुई
- इससे पहले की रिपोर्ट्स में स्लो पॉइजन और केतन को घायल/अपाहिज बनाकर शादी टालने की कथित योजनाओं की भी चर्चा रही
- आखिर में कथित तौर पर खुद वारदात को अंजाम देने का फैसला — 18 जून को लोहागढ़ किले पर
- 18 जून की सुबह केतन घर से निकला, पुणे-मुंबई हाईवे के किवाले ब्रिज से सिया को साथ लिया और लोहागढ़ की ओर गया
(ये सभी दावे पुलिस जांच पर आधारित हैं; इनका परीक्षण अदालत में होना बाकी है।)
हिरासत 29 जुलाई तक, केस डिजिटल सबूतों पर
- दोनों आरोपी फिलहाल 29 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं
- पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात में सिया-चेतन के अलावा कोई तीसरा सीधे तौर पर शामिल नहीं था
- कथित ‘गुपचुप शादी’ का दावा खाटू श्याम मंदिर के CCTV में सत्यापित नहीं हो सका
- चूंकि कोई चश्मदीद या सीधा फुटेज नहीं, पुलिस का पूरा दारोमदार डिजिटल-फॉरेंसिक सबूतों (कॉल/चैट/कोड वर्ड/लोकेशन/मनी-ट्रेल) पर है
पुलिस ऐसी चार्जशीट तैयार कर रही है जो अदालत की कसौटी पर टिक सके — क्योंकि सीधे सबूतों की कमी में जमानत की आशंका बनी हुई है। केतन के पिता फास्ट-ट्रैक सुनवाई और फांसी की मांग PM तक पहुंचा चुके हैं।
(मामला अदालत में विचाराधीन है। सभी दावे पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं; कोई भी आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुआ है।)
Sources: JBT News | AajTak — Siya Goyal

