नई दिल्ली.** Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़ा जंतर-मंतर विवाद एक और नया मोड़ ले चुका है। पार्टी के फाउंडर अभिजीत डिपके को दिल्ली की एक अदालत से कंडीशनल बेल मिल गई है, जबकि इसी बीच सौरव दास और आशुतोष रांका की बेल सुनवाई के दौरान मैजिस्ट्रेट को धमकी मिलने पर दिल्ली पुलिस ने एक नई FIR दर्ज की है।
अभिजीत डिपके को मिली बेल
अभिजीत डिपके को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित “लहरा दो तिरंगा” रैली से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने उन्हें पीस बॉन्ड पर दस्तख़त करने के बाद कंडीशनल बेल दे दी। बेल मिलने के बाद डिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह “अपने भाइयों की रिहाई का इंतजार” कर रहे हैं — यह इशारा साफ तौर पर सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर था, जो अब भी हिरासत में हैं।
मैजिस्ट्रेट को धमकी पर नई FIR
सौरव दास और आशुतोष रांका की बेल सुनवाई 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट के सामने हुई थी। इस सुनवाई के दौरान या इससे जुड़े संदर्भ में मैजिस्ट्रेट को धमकी मिलने की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने एक अलग FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा।
दोनों नेता अब भी हिरासत में
सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल की अलग-अलग जेलों में रखा गया है — सौरव दास जेल नंबर 2 में और आशुतोष रांका जेल नंबर 4 में। दोनों पर जंतर-मंतर में अतिक्रमण और पीस बॉन्ड उल्लंघन से जुड़े आरोप हैं, और यह मामला अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास जांच के लिए है।
आगे क्या
CJP के समर्थकों का कहना है कि पार्टी के सभी नेताओं को जल्द रिहा किया जाना चाहिए, जबकि पुलिस का रुख है कि कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की आगे की सुनवाई जल्द होने की उम्मीद है।
Sources: Free Press Journal | Republic World

