वाशिंगटन/नई दिल्ली.** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूसी तेल खरीदने वाले अन्य बड़े देशों को बड़ी राहत दी है। ट्रंप ने उन सख्त प्रतिबंधों को वापस ले लिया है, जिनके तहत भारत और चीन समेत रूसी क्रूड ऑयल व नैचुरल गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों पर 100% तक टैरिफ लगाया जाना था।
डेडलाइन से एक दिन पहले राहत
ट्रंप ने 18 सितंबर को “Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026” नाम के कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत 30 दिन के भीतर यानी 18 अक्टूबर तक इन देशों पर भारी टैरिफ लगाने की समय-सीमा तय थी। लेकिन डेडलाइन खत्म होने से ठीक एक दिन पहले ट्रंप ने एक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तख़त करते हुए इस कानून के मुख्य प्रावधानों को तुरंत सस्पेंड कर दिया।
भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला
भारत रूसी क्रूड ऑयल का एक बड़ा खरीदार है, और रूसी तेल भारत की ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से को पूरा करता है। अगर यह टैरिफ लागू हो जाता, तो भारत के निर्यात और व्यापारिक रिश्तों पर गंभीर असर पड़ सकता था। गौरतलब है कि इससे पहले भी अमेरिका रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर 50% तक टैरिफ लगा चुका है।
रुबियो की भारत यात्रा से जुड़ा टाइमिंग
इस राहत का ऐलान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के साथ ही हुआ है। रुबियो की मुंबई में 20 अक्टूबर को भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत तय थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह फैसला दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आगे क्या
विश्लेषकों का मानना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की दिशा में आगे की बातचीत पर निर्भर करेगी। भारत सरकार ने अभी इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह कदम द्विपक्षीय संबंधों में तनाव कम करने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
Sources: Swarajya

