पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के 12 जिलों के 66 प्रखंडों की 330 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसी बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और तत्काल ₹5,000 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता** देने की मांग की है।
तेजस्वी यादव की सात प्रमुख मांगें
पत्र में तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से निम्नलिखित मांगें रखीं:
1. बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए।
2. तुरंत ₹5,000 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता दी जाए।
3. एक विशेष बाढ़ राहत पैकेज तैयार किया जाए।
4. प्रभावित क्षेत्रों में नाव और अन्य राहत संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
5. सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टर राहत कार्य में लगाए जाएं।
6. भोजन, पेयजल, दवा की पर्याप्त व्यवस्था हो।
7. पशुचारा और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जमीनी हालात
बिहार के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं और कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। स्थानीय प्रशासन राहत शिविर लगाकर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है।
राजनीतिक एंगल
बिहार में आगामी चुनावी माहौल के बीच बाढ़ राहत को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों बाढ़ प्रबंधन में नाकाम रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
आगे क्या
केंद्र सरकार की ओर से अभी तक तेजस्वी यादव के पत्र पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति की निगरानी के लिए केंद्रीय टीम भेजे जाने की भी मांग उठ रही है।
Sources: Amar Ujala | Punjab Kesari

