जोहान्सबर्ग. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18-19 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में होने वाले G20 लीडर्स समिट में हिस्सा लेंगे। इस बार शिखर सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में हो रहा है, जिसकी थीम है ‘एकजुटता, समानता और स्थिरता’ (Solidarity, Equality, Sustainability)। सम्मेलन के दौरान PM मोदी दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें** भी करेंगे। भारत इस मंच पर कई अहम वैश्विक मुद्दों को मजबूती से उठाने वाला है।
भारत का एजेंडा
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार का प्रस्ताव आगे बढ़ाना
- ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के लिए बढ़े हुए जलवायु वित्त (climate financing) की पैरवी
- विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखना
भारत लगातार खुद को ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में स्थापित करता रहा है, और इस मंच पर भी यही रुख कायम रहेगा।
द्विपक्षीय कूटनीति
शिखर सम्मेलन के इतर PM मोदी विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है। G20 दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का मंच है, इसलिए यहां होने वाली बातचीत का वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति पर बड़ा असर पड़ता है।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी भूमिका को लगातार मजबूत किया है। 2023 में भारत ने खुद G20 की मेजबानी की थी और अफ्रीकी संघ को G20 का स्थायी सदस्य बनवाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में जोहान्सबर्ग समिट में भारत की सक्रिय भागीदारी वैश्विक दक्षिण के हितों और भारत की कूटनीतिक ताकत दोनों को दर्शाएगी।
(यह रिपोर्ट आधिकारिक कार्यक्रम और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)
Sources: FreeJobAlert Current Affairs | News On Air

