श्रीहरिकोटा. भारत के स्पेस सेक्टर में शनिवार को नया अध्याय जुड़ गया। हैदराबाद की स्पेस स्टार्टअप Skyroot Aerospace के Vikram-1 रॉकेट ने शनिवार सुबह 11:30 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर (श्रीहरिकोटा) से सफल उड़ान भरी — यह किसी भारतीय निजी कंपनी का पहला ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च** है। इसी के साथ Skyroot, ISRO के बाद रॉकेट लॉन्च करने वाली पहली भारतीय इकाई बन गई।
पहली टेस्ट उड़ान में क्या-क्या परखा गया
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मेडन टेस्ट फ्लाइट में रॉकेट के सभी अहम सिस्टम validate हुए:
- प्रोपल्शन (कार्बन-कंपोजिट बॉडी वाला मल्टी-स्टेज रॉकेट)
- एवियोनिक्स और टेलीमेट्री
- गाइडेंस, नेविगेशन और कंट्रोल (GNC)
महीनों की तैयारी के बाद यह लॉन्च विंडो जुलाई में खुली थी — 4 जुलाई को हमने बताया था कि Vikram-1 की उड़ान भारतीय निजी स्पेस सेक्टर के लिए गेमचेंजर मानी जा रही है, और वही हुआ। लॉन्च देखने के लिए श्रीहरिकोटा की व्यूइंग गैलरी में रजिस्ट्रेशन कराकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
$1.2 अरब की कंपनी, ex-ISRO वैज्ञानिकों की जोड़ी
- Skyroot की स्थापना 2018 में हैदराबाद में पूर्व ISRO वैज्ञानिकों पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ने की थी
- कंपनी की वैल्यूएशन करीब $1.2 अरब — भारत की पहली स्पेस-टेक यूनिकॉर्न
- यह कामयाबी भारत के तेजी से बढ़ते ~$44 अरब के स्पेस इकोसिस्टम में निजी कंपनियों के लिए दरवाजे और चौड़े कर देगी
ISRO भी फुल स्पीड में: FY27 में 7 लॉन्च का टारगेट
इसी बीच ISRO चेयरमैन वी नारायणन ने ऐलान किया कि ISRO इस वित्त वर्ष 7 लॉन्च का लक्ष्य लेकर चल रहा है — अगला मिशन 2 महीने के भीतर। साथ ही कुलशेखरपट्टिनम का दूसरा लॉन्च कॉम्प्लेक्स अगले 6 महीनों में चालू करने की तैयारी है, जो छोटे रॉकेट लॉन्च के लिए समर्पित होगा। सरकारी और निजी — दोनों मोर्चों पर भारतीय स्पेस सेक्टर की रफ्तार अब दुनिया देख रही है।
Sources: Al Jazeera | Business Standard | Business Standard — ISRO

