नई दिल्ली.** दिवाली से पहले राष्ट्रीय राजधानी की हवा में जहर घुलता जा रहा है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2026 के पहले सात दिनों का औसत एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) 171 दर्ज किया गया, जो 2023 के बाद से सबसे ज्यादा और पिछले छह साल में दूसरा सबसे खराब आंकड़ा है।
पहले हफ्ते का दिनवार AQI
| तारीख | AQI | श्रेणी |
|——–|—–|——–|
| 1 अक्टूबर | 166 | मध्यम |
| 2 अक्टूबर | 174 | मध्यम |
| 3 अक्टूबर | 171 | मध्यम |
| 4 अक्टूबर | 187 | मध्यम |
| 5 अक्टूबर | 184 | मध्यम |
| 6 अक्टूबर | 179 | मध्यम |
| 7 अक्टूबर | 136 | मध्यम |
पिछले सालों से तुलना
रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में अक्टूबर के पहले हफ्ते का औसत AQI 176 था जो सबसे खराब रहा। इसके बाद 2026 का 171 दूसरे स्थान पर है। 2021 (112) और 2025 (117) के मुकाबले इस साल हवा काफी ज्यादा खराब दर्ज हुई है, जो चिंता का विषय है।
हवा खराब क्यों हो रही है
कमजोर हवा की गति (10 किमी/घंटा से कम) और पराली जलाने के शुरुआती मामलों के चलते प्रदूषक तत्व हवा में जमा हो रहे हैं। वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक हवा “मध्यम” श्रेणी में बने रहने की आशंका है।
दिवाली से पहले क्यों अहम है यह आंकड़ा
हर साल अक्टूबर-नवंबर में पराली जलाने और पटाखों के चलते दिल्ली का AQI दोगुने से ज्यादा बढ़ जाता है। चूंकि इस साल महीने की शुरुआत ही बीते तीन साल में सबसे खराब रही है, ऐसे में दिवाली के आसपास स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन से GRAP जैसे कड़े कदम समय पर लागू करने की मांग उठने लगी है।
Sources: The Print

