मुंबई. शेयर बाजार के लिए जुलाई 2026 शानदार महीना साबित हुआ। महीने के आखिरी कारोबारी दिनों में Sensex करीब 77,928 अंक पर पहुंचा और जुलाई में करीब 1.3% की बढ़त दर्ज की — यह लगातार छठा महीना है जब बाजार चढ़कर बंद हुआ। NSE Nifty 50 भी 24,317** के आसपास मजबूत रहा। ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और मध्य-पूर्व तनाव के बावजूद बाजार ने मजबूती दिखाई।
ऑटो सेक्टर बना जुलाई का हीरो
इस महीने ऑटो शेयरों की जबरदस्त धूम रही, जिसे मजबूत तिमाही नतीजों का सहारा मिला:
- महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने जून तिमाही के दमदार नतीजों के बाद 2.2% की छलांग लगाई
- Maruti Suzuki और Tata Motors दोनों करीब 1.6% चढ़े
- ऑटो सेक्टर की तेजी ने बाजार को ऊंची ऊर्जा कीमतों के दबाव से उबारा
इसके अलावा IT और केमिकल शेयरों ने भी सहारा दिया।
IPO फंडरेजिंग 20 महीने के उच्च स्तर पर
जुलाई में प्राइमरी मार्केट भी गुलजार रहा:
- मेनबोर्ड और SME IPO तथा QIP के जरिए फंडरेजिंग 20 महीने के उच्च स्तर पर
- करीब 36 कंपनियों ने मिलकर लगभग ₹52,300 करोड़ जुटाए
- यह निवेशकों के मजबूत भरोसे और बाजार में तरलता का संकेत है
आगे की राह: नजरें नतीजों और कच्चे तेल पर
Q1 FY27 अर्निंग सीजन (TCS, Infosys, HCL, Wipro के बाद अब ऑटो और FMCG) बाजार की दिशा तय कर रहा है। इसके साथ ही निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, US-Iran/मध्य-पूर्व तनाव और वैश्विक संकेतों पर है। हाल में भारत को US Section 301 टैरिफ में निचले 10% स्लैब में जगह मिलना घरेलू निर्यातकों के लिए राहत की खबर रही।
कुल मिलाकर जुलाई ने बाजार में मजबूत भरोसा दिखाया — लगातार छठे महीने की तेजी, ऑटो-IT का दम और रिकॉर्ड IPO फंडरेजिंग इसकी मिसाल हैं। अगस्त में GST कलेक्शन, ऑटो बिक्री के आंकड़े और बाकी तिमाही नतीजे बाजार की अगली चाल तय करेंगे।
(यह जानकारी बाजार रिपोर्ट्स पर आधारित है, निवेश सलाह नहीं। निवेश से पहले विशेषज्ञ की राय लें।)
Sources: Trading Economics | Kotak Neo

