मुंबई / कोंकण। ‘आमों का राजा’ — Alphonso (हापुस) मैंगो — इस साल भारी संकट में है। Maharashtra के Konkan क्षेत्र से खबर आ रही है कि इस सीजन में Sindhudurg में 85-90% उत्पादन बर्बाद हो गया है, Ratnagiri में 70% और Raigad में 60% की गिरावट आई है। दशकों में यह सबसे खराब उत्पादन है। ऊपर से Iran war की वजह से Gulf countries को होने वाले exports में 40% की कमी** आई है। यह संकट climate change और geopolitical crisis दोनों का नतीजा है।
कितनी बर्बाद हुई फसल?
| जिला | उत्पादन में गिरावट |
|——|——————|
| Sindhudurg | 85-90% |
| Ratnagiri | ~70% |
| Raigad | ~60% |
यह गिरावट दशकों में सबसे बड़ी है। मतलब — जो Alphonso पहले 100 टन होता था, वो इस साल 10-15 टन ही हुआ।
क्यों बर्बाद हुई फसल?
कारण 1: दिसंबर-जनवरी में तापमान का उतार-चढ़ाव
Alphonso मैंगो में फूल लगना (flowering) और फल बनना (fruit setting) — दोनों दिसंबर-जनवरी में होता है। इस साल दिन और रात के तापमान में असामान्य अंतर रहा — जिससे फूल झड़ गए, फल कम बने।
कारण 2: April-May में असाधारण गर्मी
El Niño** की वजह से अप्रैल-मई में तापमान सामान्य से कहीं अधिक रहा। पहले से कमजोर फल इस extreme heat में सड़ने और झड़ने लगे।
कारण 3: Iran War का असर — Gulf exports ठप
Alphonso का बड़ा market Dubai, Oman, Qatar और Kuwait है। Iran war और Hormuz crisis की वजह से:
- Freight charges double हो गए
- Gulf region को consignments में delay और cancellations
- इस साल exports में 40% की कमी
- Export वाले mangoes अब local market में आ गए — जिससे दाम गिरे
आम आदमी को क्या फर्क पड़ेगा?
अगर आप Alphonso खरीदने जाते हैं:
- Supply कम → Price ऊंची रहेगी — quality Alphonso ₹500-800/दर्जन तक
- Market में duplicate या inferior variety मिल रही है — Alphonso के नाम पर सामान्य आम बेचे जा रहे हैं
- Online delivery पर ध्यान दें — authenticity check करें
अगर आप Konkan के किसान हैं:
- इस साल बड़ा नुकसान — income 60-90% तक कम
- Iran war खत्म हो तो अगले season में exports recover हो सकते हैं
यह सिर्फ Alphonso की कहानी नहीं
Alphonso संकट एक बड़े सच की तरफ इशारा करता है — climate change और geopolitical instability का India की agriculture पर सीधा असर पड़ रहा है। El Niño, Hormuz crisis, extreme temperatures — इनका कॉम्बिनेशन India के अलग-अलग crops को अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर रहा है। The Print के experts कहते हैं: “Alphonso crisis एक canary in the coal mine है — अगर अभी नहीं जागे तो आगे और बड़े crop crises आएंगे।” (The Print, 2026)

