नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान तनाव की आंच अब उस पोर्ट तक पहुंच गई है जिसमें भारत की रणनीतिक हिस्सेदारी रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 8-9 जुलाई को अमेरिका के हवाई हमलों में ईरान के चाबहार पोर्ट का मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर क्षतिग्रस्त हो गया। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ किया है कि भारत से जुड़ा शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित** है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
क्या हुआ चाबहार में
- रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने 8-9 जुलाई को ईरान के कई रणनीतिक पोर्ट शहरों और तटीय ठिकानों पर हवाई हमले किए — चाबहार भी निशाने पर रहा
- चाबहार फ्री जोन ऑर्गनाइजेशन के MD के हवाले से बताया गया कि पोर्ट का मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर क्षतिग्रस्त हुआ
- गौरतलब है कि 12 जुलाई को US-ईरान सीजफायर टूटने के बाद से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं
भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार
चाबहार भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी रणनीति की धुरी रहा है:
- पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधी पहुंच का इकलौता समुद्री रास्ता
- भारत ने 2024 में पोर्ट के विकास के लिए 10 साल का समझौता किया था
- हालांकि US प्रतिबंधों की वापसी के बाद भारत ने इसी साल अप्रैल में शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल का संचालन अस्थायी रूप से एक ईरानी इकाई को सौंप दिया था — यानी फिलहाल भारत सीधे संचालन में नहीं है
MEA का संदेश — नुकसान नहीं, पर नजर बनी हुई
विदेश मंत्रालय ने कहा कि शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को हमलों में कोई क्षति नहीं पहुंची है। जानकारों के मुताबिक असली चिंता आगे की है — अगर US-ईरान संघर्ष और बढ़ा, तो चाबहार जैसी परियोजनाओं में भारत का दीर्घकालिक निवेश और मध्य एशिया की कनेक्टिविटी योजना (INSTC समेत) अधर में लटक सकती है। भारत अब तक इस संघर्ष में संतुलित रुख अपनाते हुए बातचीत की अपील करता रहा है।
Sources: Business Standard | India Shipping News | Caspian News

