पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को वडगांव मावल कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी** हुई, जिसके बाद दोनों आरोपी जुलाई के अंत तक यरवडा जेल में ही रहेंगे।
पिता का छलका दर्द — PM को लिखा पत्र
इस बीच केतन के पिता प्रेस के सामने फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने कहा — ‘मैं घर के लिए बहू लाने चला था, अब मेरा बेटा ही नहीं रहा।’ उनके मुताबिक अगर सिया साफ मना कर देती तो आज उनका बेटा जिंदा होता; सिया और चेतन के कथित रिश्ते की उन्हें भनक तक नहीं थी।
- पिता ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर केस की फास्ट-ट्रैक सुनवाई और दोषियों को फांसी की सजा की मांग की है
- उन्होंने रिश्ता तय कराने वाले परिचित परिवार की भूमिका पर भी सवाल उठाए — पूछा कि क्या उन्हें पहले से कुछ पता था (यह आरोप पिता का है; इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है)
केस की मौजूदा स्थिति
- 18 जून: लोहागढ़ किले से गिरकर केतन की मौत — पुलिस के मुताबिक कथित सुनियोजित हत्या
- 3 जुलाई: पुलिस रिमांड की अर्जी खारिज, दोनों आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
- 17 जुलाई: VC के जरिए पेशी — हिरासत 14 दिन और बढ़ी
- पुलिस के मुताबिक जांच में कोड चैट, दूसरा मोबाइल, गवाह और फॉरेंसिक साक्ष्य मिले हैं; वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में प्रत्यक्ष सबूतों की मजबूती पर सवाल भी उठ रहे हैं
आगे क्या
अब सबकी नजर पुलिस की चार्जशीट पर है — कानूनन गिरफ्तारी से 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल होनी है। हिरासत बढ़ने के साथ आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी की संभावना भी बढ़ रही है। पिता की फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग पर सरकार का रुख भी देखने लायक होगा।
(मामला अदालत में विचाराधीन है। सभी आरोप पुलिस जांच और परिजनों के बयानों पर आधारित हैं; दोष सिद्ध होना बाकी है।)
Sources: Navbharat Live | Sarkarnama

