वॉशिंगटन/जिनेवा। अमेरिका और ईरान के बीच करीब चार महीने चले युद्ध पर आज आधिकारिक तौर पर विराम लग जाएगा। दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौते (Peace Deal) पर आज शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर** होंगे। इस ऐतिहासिक समझौते के साथ ही मिडिल-ईस्ट में महीनों से जारी तनाव और जंग का दौर आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएगा, जिससे पूरी दुनिया — खासकर भारत — को बड़ी राहत मिलेगी।
हर मोर्चे पर सैन्य कार्रवाई खत्म
समझौते के तहत दोनों पक्षों ने लेबनान समेत हर मोर्चे पर तत्काल और स्थायी रूप से सैन्य कार्रवाई बंद करने का ऐलान किया है। इसका सबसे बड़ा फायदा वैश्विक व्यापार को होगा, क्योंकि लड़ाई के दौरान तेल आपूर्ति और शिपिंग रूट बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा खुला
समझौते में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की मुक्त आवाजाही (freedom of navigation) सुनिश्चित की गई है। US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज को टोल-फ्री खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) तुरंत हटाने की मंजूरी दे दी है। बता दें कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है, इसलिए इसका खुलना भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए राहत की खबर है।
पाकिस्तान बना मध्यस्थ, यूरोप हटाएगा प्रतिबंध
इस पूरे समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभाई। वहीं ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और इटली समेत यूरोपीय देशों ने कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कदम उठाता है, तो वे ईरान पर लगे प्रतिबंध (sanctions) हटाने को तैयार हैं।
भारत के लिए क्यों अहम?
युद्ध खत्म होने और हॉर्मुज खुलने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है, जिससे भारत में महंगाई और पेट्रोल-डीजल के दाम पर दबाव कम होगा। साथ ही हॉर्मुज में फंसे और तनाव झेल रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी — यह मुद्दा PM मोदी हाल ही में ट्रंप के साथ बैठक में उठा चुके हैं।

