नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र में गहमागहमी जारी है। सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के चलते लोकसभा और राज्यसभा में बार-बार कार्यवाही स्थगित हो रही है। इस बीच सरकार 16 से 18 अगस्त तक तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है, जिसमें कई अहम विधेयकों — खासकर परिसीमन (Delimitation) बिल और महिला आरक्षण बिल** — पर चर्चा प्रस्तावित है।
सदन में क्या हुआ
- हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा ने टैक्सेशन (संशोधन) विधेयक, 2026 बिना चर्चा के पारित कर दिया
- विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष लगातार प्रदर्शन कर रहा है
- सरकार-विपक्ष गतिरोध के चलते कार्यवाही प्रभावित
विशेष सत्र में ये बिल अहम
सरकार के प्रस्तावित विशेष सत्र (16-18 अगस्त) में दो बड़े विधेयक केंद्र में रहेंगे:
- परिसीमन बिल: लोकसभा और विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण से जुड़ा — यह विषय राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है और इस पर अलग-अलग दलों के अलग-अलग रुख हैं
- महिला आरक्षण बिल: संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण से जुड़ा प्रावधान
इन दोनों विधेयकों पर विस्तृत चर्चा और विभिन्न दलों की राय सामने आने की उम्मीद है।
PM मोदी का संदेश
सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 7.7% विकास दर का जिक्र करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद भारत की मजबूती का प्रमाण बताया था। उन्होंने कहा था कि संसद का सुचारू संचालन, सार्थक चर्चा और देश को आगे ले जाने का साझा संकल्प समय की जरूरत है।
आने वाले दिनों में विशेष सत्र और इन अहम विधेयकों पर सभी की नजरें रहेंगी। संसद में सरकार और विपक्ष, दोनों की भूमिका इन विधेयकों के भविष्य को तय करेगी।
(यह रिपोर्ट संसदीय कार्यवाही और आधिकारिक बयानों पर आधारित है।)
Sources: Deccan Herald | PMIndia

