न्यूयॉर्क/नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र से इतर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ हाल ही में अमेरिका में पारित ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ (SRIA)** को लेकर नई दिल्ली की गंभीर चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
क्या है यह अमेरिकी कानून
यह कानून अमेरिका को रूस और ईरान से तेल-गैस खरीदने वाले देशों — जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं — पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। भारत लंबे समय से रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदता रहा है, ऐसे में यह कानून भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों पर सीधा असर डाल सकता है।
जयशंकर ने क्या कहा
विदेश मंत्री ने बैठक में भारत की आर्थिक चिंताओं और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े हितों को अमेरिकी पक्ष के समक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने बताया कि इस दौरान खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की मौजूदा स्थिति पर भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई। बैठक को भारत-अमेरिका के बीच जारी रणनीतिक संवाद की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या
दोनों देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। भारत का रुख स्पष्ट है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा और सामरिक स्वायत्तता से समझौता किए बिना अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहता है।
Sources: AajTak | Times Now Hindi

