नई दिल्ली. लोकसभा ने एक ऐतिहासिक फैसले में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के तहत दक्षिणी राज्य ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ किया जाएगा। इसके साथ ही सदन ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) संशोधन विधेयक, 2026** को भी मंजूरी दी। दोनों विधेयक विपक्ष के हंगामे के बीच पारित हुए।
केरल से केरलम: पूरी प्रक्रिया
- गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में विधेयक पेश किया
- केरल का नाम ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव फरवरी 2026 में केंद्रीय कैबिनेट मंजूर कर चुका था
- संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राष्ट्रपति ने विधेयक को केरल विधानसभा की राय के लिए भेजा था
- केरल विधानसभा ने जुलाई में सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी
- यह बदलाव राज्य की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा जा रहा है (मलयालम में राज्य को ‘केरलम’ ही कहा जाता है)
NCDC संशोधन विधेयक
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) संशोधन विधेयक, 2026 भी ध्वनिमत से पास हुआ। NCDC सहकारिता मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक संस्था है, जो सहकारी समितियों को वित्तपोषण और बढ़ावा देती है। इस विधेयक का मकसद देशभर में सहकारी क्षेत्रों के वित्तपोषण में NCDC की भूमिका का विस्तार** करना है।
विपक्ष का हंगामा
विधेयक पारित होने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। विपक्ष गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी और एक अलग मुद्दे पर बयान की मांग कर रहा था। इसी शोर-शराबे के बीच सरकार ने दोनों विधेयक पारित करा लिए। अब केरल के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सत्ता पक्ष इसे राज्य की भाषाई-सांस्कृतिक पहचान का सम्मान बता रहा है।
(यह रिपोर्ट संसदीय कार्यवाही और आधिकारिक सूत्रों पर आधारित है।)

