हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं, लेकिन कोर्ट का फैसला एक बार फिर टल गया**। नई तारीख की पुष्टि शाम तक होने की उम्मीद है।
मामला क्या है
- यह विवाद रेलवे की करीब 30 हेक्टेयर (78 एकड़) जमीन पर बने हजारों मकानों, मस्जिद-मदरसों से जुड़ा है।
- इस जमीन पर करीब 50 हजार लोग दशकों से रह रहे हैं, जिनका दावा है कि उन्हें नजूल भूमि के तहत बसाया गया था।
- रेलवे इसे अपनी भूमि बताते हुए अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहा है, जबकि स्थानीय निवासी इसे अपना पुश्तैनी आशियाना बताते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने आज व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी:
- पूरे बनभूलपुरा इलाके को दो सुपर जोन और चार जोन में बांटा गया।
- 500 से अधिक पुलिस और PAC कर्मी तैनात किए गए।
- स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
अब तक की सुनवाई का घटनाक्रम
बनभूलपुरा मामला वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, और इससे पहले भी कई बार सुनवाई टल चुकी है। कोर्ट ने पूर्व में इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने और पुनर्वास योजना पर विचार करने के निर्देश दिए थे।
स्पष्टीकरण
यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और अंतिम फैसला नहीं आया है। दोनों पक्षों — रेलवे प्रशासन और स्थानीय निवासियों — के दावे तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किए गए हैं। यह रिपोर्ट किसी भी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं करती।
Sources: Amar Ujala | AajTak

