नई दिल्ली। भारत ने यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को जारी बयान में इन हमलों को “अस्वीकार्य” और “क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करने वाला”** करार दिया।
हमले में क्या हुआ
- मंगलवार को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया।
- स्थानीय प्रशासन के मुताबिक इस हमले में 73 लोग घायल हुए हैं।
- यह जुलाई में यमन का चार साल पुराना युद्धविराम टूटने के बाद से हूती की ओर से किया गया सबसे भीषण हमला माना जा रहा है।
भारत का बयान
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले:
1. क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करते हैं।
2. बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता को खतरे में डालते हैं — यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार और भारत के ऊर्जा आयात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा
सऊदी अरब भारत का एक प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता और व्यापारिक साझेदार है, साथ ही वहां लाखों भारतीय प्रवासी कामगार रहते हैं। बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य से होकर भारत का बड़ा हिस्सा तेल आयात और निर्यात गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में अस्थिरता भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सीधे प्रभावित कर सकती है।
आगे की स्थिति
यमन में जुलाई से युद्धविराम टूटने के बाद से तनाव लगातार बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से संघर्ष विराम बहाल करने की अपीलें जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है।
Sources: Punjab Kesari | The India Moves

