नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में एक युवा दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह दंपती करीब 2 साल** से सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था और सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करता रहा।
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ संपर्क
गिरफ्तार किए गए मोहम्मद साहिल (25) ने इंस्टाग्राम के जरिए एक पाकिस्तानी एजेंट से संपर्क किया था, जिसमें उसकी अब पत्नी बन चुकीं समीरा (21) भी शामिल थीं। इस एजेंट ने बाद में दोनों को एक खुफिया अधिकारी से मिलवाया, जिसने पैसों का लालच देकर उन्हें धीरे-धीरे अपने जाल में फंसाया।
साहिल इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं और एक वकील के साथ काम करते हुए खुद कानून की पढ़ाई करने की योजना बना रहे थे।
क्या-क्या भेजा पाकिस्तान
पुलिस जांच में सामने आया है कि दंपती ने पैसों के बदले 8 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों को भेजे, जिनका इस्तेमाल भारतीय WhatsApp ग्रुप्स में घुसपैठ कर संवेदनशील और गोपनीय सैन्य जानकारी जुटाने के लिए किया गया।
इसके अलावा दंपती को सेना छावनी क्षेत्रों की रेकी करने और लोगों को इस काम के लिए भर्ती करने का जिम्मा भी सौंपा गया था। साहिल को खासतौर पर उन सेना कर्मियों की जानकारी जुटाने को कहा गया था, जिनके खिलाफ ट्राइब्यूनल में कोर्ट-मार्शल की कार्यवाही लंबित थी।
जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है — कि कितने और लोग इस जासूसी चेन में शामिल थे, और कितनी संवेदनशील जानकारी वास्तव में पाकिस्तान तक पहुंची। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जाल में फंसाकर जासूसी में इस्तेमाल करने के इस तरीके को लेकर सतर्क हो गई हैं।
Sources: The Week | India News Network

