Mon. Sep 28th, 2026

चुनाव आयोग की सफाई: ‘SIR पर सभी फैसले सर्वसम्मति से’, आयुक्तों के मतभेद की खबरों पर लगाया विराम

चुनाव आयोग की सफाई: ‘SIR पर सभी फैसले सर्वसम्मति से’, आयुक्तों के मतभेद की खबरों पर लगाया विराम
Breaking News

नई दिल्ली। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच निर्वाचन आयोग ने एक विस्तृत बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि बीते एक साल में लिए गए सभी फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति** से हुए हैं। यह बयान ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक जांच रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने SIR प्रक्रिया को लेकर रिकॉर्ड पर बार-बार आपत्तियां दर्ज कीं।

क्या था इंडियन एक्सप्रेस का दावा

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बीते करीब 10 महीनों में कम से कम 14 बार SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई थी। इस खुलासे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार समेत तीनों आयुक्तों की एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे थे।

चुनाव आयोग की सफाई

रिपोर्ट सामने आने के बाद शनिवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में CEC ज्ञानेश कुमार ने आयुक्तों संधू और जोशी के साथ बैठक की। इसके बाद आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आयोग के भीतर अलग राय रखना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अंतिम फैसले हमेशा सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि वह अपने संवैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ प्रतिबद्ध है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ से जुड़े गंभीर आरोप लगा चुके हैं और इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। वहीं भाजपा ने चुनाव आयोग के ताजा बयान का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर SIR मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि आयोग के बयान से उनके दावों की पोल खुल गई है।

गौरतलब है कि यह मामला अभी विवादित बना हुआ है — विपक्ष के आरोप और आयोग की सफाई, दोनों ही अपनी-अपनी जगह कायम हैं, और अंतिम सच्चाई पर अभी सहमति नहीं बन पाई है।

आगे क्या

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष पहले ही संसद में महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी में है, जिसके अगले कुछ हफ्तों में पेश होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आयोग का यह ताजा बयान आने वाले दिनों में संसद और सार्वजनिक बहस दोनों में अहम मुद्दा बना रह सकता है।

Sources: AajTak | NewsBytes Hindi

By Nilesh

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *