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वांगचुक अब मेदांता शिफ्ट होंगे: दिल्ली HC की मंजूरी, एक प्रदर्शनकारी युवती वेंटिलेटर पर — राहुल-प्रियंका PM आवास के पास प्रदर्शन में उतरे, धरना दूसरे दिन जारी

वांगचुक अब मेदांता शिफ्ट होंगे: दिल्ली HC की मंजूरी, एक प्रदर्शनकारी युवती वेंटिलेटर पर — राहुल-प्रियंका PM आवास के पास प्रदर्शन में उतरे, धरना दूसरे दिन जारी
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नई दिल्ली. ‘चलो संसद’ मार्च पर लाठीचार्ज के अगले ही दिन CJP आंदोलन में कई बड़े घटनाक्रम हुए। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सोनम वांगचुक को सफदरजंग से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल शिफ्ट** करने की मंजूरी दे दी — अदालत ने लगातार मेडिकल निगरानी की जरूरत का हवाला दिया। इस बीच जंतर-मंतर पर CJP का धरना दूसरे दिन भी जारी है।

HC में क्या हुआ

  • हाईकोर्ट ने वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल (मेदांता) में शिफ्ट करने की अनुमति दी
  • सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार को शिफ्टिंग पर कोई आपत्ति नहीं, पर वे मेडिकल सलाह के खिलाफ डिस्चार्ज नहीं हो सकते
  • वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं; अस्पताल के मुताबिक वे गंभीर रूप से डिहाइड्रेटेड, पर vital पैरामीटर स्थिर — इलाज लेने से इनकार जारी

एक प्रदर्शनकारी युवती वेंटिलेटर पर

सोमवार के लाठीचार्ज का असर अब सामने आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस कार्रवाई में घायल एक युवती की हालत गंभीर है और उसे RML अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है। इस घटना ने आंदोलन को लेकर सहानुभूति और सरकार-पुलिस पर सवाल दोनों बढ़ा दिए हैं। (चोट और हालत की जानकारी अस्पताल सूत्रों/रिपोर्ट्स के हवाले से है।)

राहुल-प्रियंका सड़क पर, विपक्ष हमलावर

आंदोलन की गूंज अब पूरी तरह सियासी हो चुकी है:

  • राहुल गांधी और प्रियंका गांधी PM आवास के पास प्रदर्शन में उतरे; कांग्रेस अध्यक्ष खरगे समेत कई कांग्रेस सांसद साथ रहे
  • संसद के भीतर भी विपक्ष NEET और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठा रहा है
  • इससे पहले सोनिया गांधी भी कांग्रेस से वांगचुक के समर्थन की अपील कर चुकी हैं

उधर CJP ने अपनी प्रवक्ता विजेता दहिया को ‘बेहद असंवेदनशील’ वीडियो को लेकर संगठन से हटा दिया — यानी आंदोलन के भीतर भी अनुशासन को लेकर सख्ती दिखी।

आगे क्या

CJP संस्थापक अभिजीत डिपके का दावा है कि वांगचुक अनशन तोड़ने ही वाले थे, पर सोमवार की पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने इसे जारी रखने का फैसला किया। डिपके का यह भी आरोप है कि उन्हें पीटा गया और हिरासत में लिया गया; वहीं पुलिस का कहना है कि वांगचुक को कोर्ट के आदेश और मेडिकल जरूरत के तहत अस्पताल भेजा गया। आंदोलन की तीन प्रमुख मांगें (प्रधान की बर्खास्तगी, वांगचुक की ‘रिहाई’, मृत NEET अभ्यर्थियों के परिवार को मुआवजा) बरकरार हैं। सरकार की ओर से औपचारिक जवाब का इंतजार है।

(आरोप और मांगें प्रदर्शनकारियों/CJP के हैं; पुलिस कार्रवाई का आधार कानून-व्यवस्था; सेहत और अदालती जानकारी अस्पताल/रिपोर्ट्स के हवाले से। घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है।)

Sources: Business Standard | LiveLaw | Outlook India

By Nilesh

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