नई दिल्ली/गुरुग्राम. महीनेभर से चल रहे CJP आंदोलन में बड़ा मोड़ आ गया है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार तड़के (आधी रात के बाद) अपना 26 दिन का अनशन तोड़ दिया। यह ब्रेकथ्रू मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात** के बाद आया। वांगचुक 28 जून से NEET समेत परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ भूख हड़ताल पर थे।
मोदी के ऐलान ने खोला रास्ता
रिपोर्ट्स के मुताबिक अनशन टूटने से कुछ घंटे पहले PM नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें बड़े ऐलान हुए:
- केंद्रीय कैबिनेट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कदमों पर चर्चा करेगी
- सरकार अगले हफ्ते संसद में एक विधेयक लाएगी, जिसमें पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा
- यानी आंदोलन की एक बड़ी मांग (परीक्षा सुधार) पर सरकार ने ठोस कदम का भरोसा दिया
इसके बाद नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में वांगचुक ने अनशन समाप्त किया।
पर CJP का धरना जारी रहेगा
हालांकि आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। Cockroach Janta Party (CJP) ने साफ किया है कि जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण धरना शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा। यानी:
- वांगचुक का अनशन (सेहत बिगड़ने के बाद) खत्म — पर आंदोलन जारी
- CJP की मुख्य मांग (प्रधान का इस्तीफा) अब भी अधूरी
- संस्थापक अभिजीत डिपके का रुख — लड़ाई जारी रहेगी
अब तक का सफर, आगे की राह
20 जून से शुरू हुआ यह Gen-Z सैटायर आंदोलन 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च पर लाठीचार्ज (100+ हिरासत, एक युवती वेंटिलेटर पर) के बाद देशभर की सुर्खियों में आया। वांगचुक की बिगड़ती सेहत, दिल्ली HC का मेदांता-शिफ्ट आदेश, और अब मोदी के परीक्षा-सुधार ऐलान — इन सबके बीच अनशन का टूटना आंदोलन का एक अहम पड़ाव है। अब नजर इस पर रहेगी कि संसद में आने वाला पेपर-लीक विधेयक क्या रूप लेता है और CJP का धरना किस दिशा में जाता है।
(मांगें और आरोप प्रदर्शनकारियों/CJP के हैं; सरकारी घोषणाएं आधिकारिक बयानों/रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।)
Sources: Business Today | India.com | Siasat

