नई दिल्ली. NEET पेपर लीक विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा भेजते हुए साफ किया कि यह कदम छात्रों के हित में उठाया गया है, ताकि परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा यह संवेदनशील मुद्दा सियासी लड़ाई का शिकार न बने**।
प्रधान ने चिट्ठी में क्या कहा
देश के युवाओं के नाम लिखे पत्र में प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी और छात्र-हित को केंद्र में रखा:
- ‘छात्रों का भविष्य किसी सियासी जंग का शिकार नहीं बनना चाहिए’ — इसी भावना के साथ इस्तीफा
- उन्होंने माना कि 3 मई 2026 की NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आई थीं
- साथ ही यह भी रेखांकित किया कि केंद्र ने तुरंत कदम उठाया — मामला CBI को सौंपा, परीक्षा रद्द की और नई परीक्षा का ऐलान किया
- री-एग्जाम 21 जून को सफलतापूर्वक कराया गया
यानी इस्तीफा किसी दबाव में झुकने के बजाय, जिम्मेदारी लेने और मुद्दे को राजनीति से ऊपर रखने के तौर पर पेश किया गया।
सरकार पहले ही उठा चुकी थी बड़े कदम
गौर करने वाली बात यह है कि प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब सरकार पहले ही परीक्षा सुधार और जवाबदेही की दिशा में कई ठोस कदम उठा चुकी थी:
- CBI जांच + परीक्षा रद्द + री-एग्जाम (21 जून) — गड़बड़ी सामने आते ही त्वरित कार्रवाई
- NTA ने 47 अधिकारी हटाए, कुछ के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई
- PM मोदी का ऐलान — अगले हफ्ते संसद में पेपर-लीक विधेयक (फास्ट-ट्रैक कोर्ट + कड़ी सजा)
- मृत परीक्षार्थियों के परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर FIR वापसी पर सैद्धांतिक सहमति
- केंद्रीय मंत्रियों नड्डा और जितेंद्र सिंह की CJP प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत, जिसके बाद सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन तोड़ा
इस्तीफे के साथ अब आंदोलन की वह आखिरी मांग भी पूरी हो गई है, जिस पर पिछले कुछ दिनों से गतिरोध बना था।
अब आगे क्या
इस्तीफे को PM मोदी ने स्वीकार किया या नहीं, और शिक्षा मंत्रालय का प्रभार अब किसे मिलेगा — इस पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जंतर-मंतर पर चल रहे CJP धरने की औपचारिक प्रतिक्रिया भी देखने वाली होगी, क्योंकि उनकी मुख्य मांग अब पूरी हो चुकी है। बड़ी तस्वीर यह है कि सरकार ने परीक्षा सुधार (कानून), जवाबदेही (CBI/NTA कार्रवाई) और अब मंत्री के इस्तीफे तक — हर मोर्चे पर मुद्दे को सुलझाने की दिशा में कदम उठाए हैं। असली परीक्षा अब संसद में आने वाले पेपर-लीक विधेयक की होगी, जो लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।
(यह ब्रेकिंग घटनाक्रम है; समाचार तथ्य ऊपर दिए स्रोतों पर आधारित हैं। इस्तीफे की स्वीकृति/उत्तराधिकारी पर आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।)
Sources: AajTak | India TV | OpIndia

