नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में देश की GDP 7.8% की दर से बढ़ी, जो RBI और बाजार के अनुमानों से कहीं ज्यादा है। पूरे वित्त वर्ष FY26 के लिए ग्रोथ 7.7%** रही, जिससे भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
किसने दी इकोनॉमी को रफ्तार
इस मजबूत ग्रोथ के पीछे कई फैक्टर रहे:
- सर्विस सेक्टर — Q4 में 9.9% की दर से बढ़ा, जो ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन रहा
- ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन — 12.5% की रफ्तार, जो पिछले 12 तिमाहियों में सबसे तेज
- मजबूत औद्योगिक प्रदर्शन और बढ़ता निजी निवेश
- बेहतर होती खपत (consumption)
GVA और निवेश के आंकड़े भी मजबूत
आर्थिक गतिविधि का अहम पैमाना Gross Value Added (GVA) Q4 में 7.9% बढ़ा और पूरे साल भी औसतन 7.9% रहा। Core GVA में 9.7% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई।
निवेश के मोर्चे पर भी रिकॉर्ड बना:
- निजी निवेश की घोषणाएं FY26 में ₹56 लाख करोड़ तक पहुंचीं, जो FY25 के ₹37 लाख करोड़ से काफी ज्यादा हैं
- कुल निवेश घोषणाएं रिकॉर्ड ₹80 लाख करोड़ तक पहुंच गईं
आगे की राह में चुनौतियां भी
जहां आंकड़े उत्साहजनक हैं, वहीं जानकारों का कहना है कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और पश्चिम एशिया (Iran) में तनाव जैसी चुनौतियां आगे की ग्रोथ पर असर डाल सकती हैं। फिर भी मजबूत घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है।
Sources: Business Today | NewsX

